जेट एयरवेज और पायलटों को वार्ता के जरिए विवाद सुलझाने को कहा गया
जेट एयरवेज के करीब 400 पायलटों के एक साथ 'बीमार' पड़ने के कारण करीब 200 उड़ानें रद्द होने से अनुमान के अनुसार 20,000 यात्रियों के फंसने के बाद नागरिक उड्डयन सचिव एम.माधवन नांबियार का यह आग्रह सामने आया है।
नांबियार ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा,"हमारा रुख बहुत स्पष्ट है। दोनों पक्षों को वार्ता करनी चाहिए।"
उन्होंने कहा कि सभी राज्य सरकारों से आवश्यक सेवा अनुरक्षण कानून लागू करने की आवश्यकता का आकलन करने को कहा गया है।
पायलटों के बड़े पैमाने पर 'बीमारी के चलते छुट्टी' लेने के मुद्दे से निपटने के बारे में पूछने पर सचिव ने कहा कि मंत्रालय और नागरिक उड्डयन निदेशालय (डीजीसीए) दोनों स्थिति की समीक्षा कर रहे हैं।
उधर पायलटों के कथित रूप से बीमार होकर छुट्टी पर चले जाने के बाद निजी विमानन कंपनी ने डीजीसीए से हस्तक्षेप की मांग की।
जेट एयरवेज के अध्यक्ष नरेश गोयल ने डीजीसीए के महानिदेशक एस.एन.ए.जैदी से मुलाकात की और पायलटों की सामूहिक छुट्टी पर चिता जताई, जिसके कारण 200 से अधिक उड़ानें रद्द हुईं और अन्य में विलंब हुआ।
डीजीसीए के एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार जैदी ने गोयल को आश्वस्त किया कि वह मामले को देखेंगे।
उड्डयन मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जेट एयरवेज प्रमुख ने नागरिक उड्डयन मंत्री प्रफुल्ल पटेल से भी चर्चा की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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