जेट एयरवेज के 400 पायलट सामूहिक 'चिकित्सा अवकाश' पर, यात्री परेशान (लीड-2)
पायलटों के छुट्टी पर जाने का सबसे ज्यादा खामियाजा दिल्ली, मुंबई, कोलकाता, बेंगलुरू और चेन्नई हवाईअड्डे पर मौजूद यात्रियों को भुगताना पड़ा। जेट एयरवेज देश व विदेश के 63 गंतव्यों के लिए 380 उड़ानों का संचालन करती है, जिसमें से 113 घरेलू और 16 अंतर्राष्ट्रीय उड़ानों को रद्द करना पड़ा है।
इस बीच, समस्या के समाधान के लिए जेट एयरवेज के अध्यक्ष नरेश गोयल ने नागरिक उड्डयन सचिव एम. माधवन नांबियार और नागरिक उड्डयन महानिदेशक एस.एन.ए. जैदी से मुलाकात की।
मुंबई से दिल्ली की यात्रा करने के लिए हवाई अड्डा पहुंचे वी. एस. वर्मा ने कहा, "कम से कम एयरलाइन के कर्मचारियों को मुझे यह सूचित करना चाहिए था कि आपकी उड़ान रद्द कर दी गई है। मैं अपने लिए वैकल्पिक व्यवस्था कर लेता। यह सही मायने में बहुत विचित्र स्थिति है।"
ये पायलट अपने दो बर्खास्त साथी पायलटों को बहाल किए जाने की मांग कर रहे हैं। जेट एयरवेज के पास कुल 1080 पायलट हैं।
नई दिल्ली में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "पायलटों की ऐसी कोई भी कार्रवाई, जिसके कारण अंतिम समय में उड़ान रद्द करनी पड़े और यात्रियों को परेशानी उठानी पड़े, जनहित के खिलाफ कार्रवाई मानी जाएगी।"
गृह सचिव जी. के. पिल्लई ने भी सभी राज्यों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर पायलटों की 'अनधिकृत हड़ताल' से उत्पन्न स्थिति की समीक्षा करने और आवश्यक वस्तु सेवा अधिनियम लागू करने को कहा है।
जेट एयरवेज ने कहा है कि सभी प्रभावित यात्री टिकट रद्द करवाकर पूरी राशि प्राप्त कर सकते हैं या फिर बिना किसी शुल्क के वे किसी वैकल्पिक तारीख के लिए टिकट आरक्षित करवा सकते हैं।
जेट एयरवेज के प्रवक्ता ने एक बयान में कहा, "विमान परिचालन के लिए नियुक्त पायलटों के एक गुट ने चिकित्सा अवकाश के बहाने एक नकली हड़ताल का सहारा लिया है, जो दुखद है।"
प्रवक्ता ने कहा कि यात्रियों को कम परेशानी हो, इसके लिए सभी प्रकार के कदम उठाए जा रहे हैं। अधिकतर उड़ानों को संचालित करने के लिए एयरलाइन सभी कदम उठाएगी।
उन्होंने कहा, "यद्यपि, कुछ उड़ानों को रद्द करना पड़ा है या फिर उसे दूसरी उड़ानों के साथ मिलाना पड़ा है। हम अपने सभी यात्रियों को समायोजित करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।"
एयरवेज के पायलटों द्वारा हाल ही में गठित एक संघ 'नेशनल एविएटर्स गिल्ड' के अध्यक्ष गिरीश कौशिक ने कहा कि बर्खास्त किए गए दो पायलटों को बहाल करने के लिए संघ ने जेट को 14 दिनों का जरूरी नोटिस दिया था। नोटिस में दो पायलटों की बर्खास्तगी को प्रतिशोध की कार्रवाई करार दिया गया था।
वरिष्ठ बर्खास्त पायलटों बालारमन और सैम थॉमस को ई-मेल के जरिए बर्खास्तगी की सूचना दी गई।
कौशिक ने पायलटों के हड़ताल पर जाने की बात से इनकार करते हुए कहा, "यात्रियों को हुई असुविधा के लिए हम माफी मांगते हैं। हम सभी प्रबंधन से चाहते हैं कि वह दो पायलटों को नौकरी पर बहाल करें। हमारी केवल यही मांग है।"
कौशिक से जब यह पूछा गया कि क्या यह एक इत्तेफाक है कि करीब 400 पायलट एक साथ बीमार पड़ गए तो उन्होंने कहा, "हम सभी विषाक्त भोजन के शिकार हो सकते हैं। इस कारण हम सभी बीमार पड़ गए।"
जेट एयरवेज ने कहा है कि वह समाधान के लिए केंद्र से बातचीत कर रही थी और क्षेत्रीय श्रम आयुक्त ने भी चेतावनी दी थी कि इस दौरान किसी तरह की हड़ताल को औद्योगिक विवाद कानून के तहत अवैध करार दिया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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