इशरत जहां का मारा जाना अमानवीय : मोइली
अहमदाबाद के एक महानगरीय दंडाधिकारी एस. पी. तमाग ने सोमवार को अपनी रिपोर्ट में कथित मुठभेड़ को फर्जी करार दिया था।
मोइली ने आईएएनएस से कहा, "यह अमानवीय है, अगर ठीक तरीके से जांच की जाए तो कई और मामले सामने आएंगे।"
उन्होंने कहा कि वह अचंभित हैं कि देश में इस तरह की घटनाएं हो रही हैं। उन्होंने कहा की कि इसके लिए जिम्मेदार सभी दोषी अधिकारियों को दंडित किया जाए।
गुजरात पुलिस ने दावा किया है कि इशरत जहां आतंकवादी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की सदस्य थी। इशरत और उसके तीनों साथियों का इरादा मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या करना था, लेकिन पुलिस ने 2004 में उन चारों को अहमदाबाद के बाहरी इलाके में मुठभेड़ में मार दिया।
दंडाधिकारी तमाग की 240 पन्नों की रिपोर्ट के मुताबिक इन चारों- इशरत जहां, जावेद गुलाम शेख उर्फ प्रनेश कुमार पिल्लई, अमजद अली उर्फ राजकुमार अकबर अली राना और जीशान जौहर अब्दुल गनी का किसी भी आतंकवादी संगठन से कोई संबंध नहीं था और वे 'फर्जी मुठभेड़' में मारे गए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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