आत्मघाती हमलावर ने नाटो सैनिकों को निशाना बनाया (लीड-2)
समाचार एजेंसी डीपीए के मुताबिक काबुल पुलिस के अपराध जांच विभाग के प्रमुख सईद अब्दुल कफार सईदजादा ने कहा है, "यह एक आत्मघाती हमला था। यह हमला हवाई अड्डे के पूर्वी द्वार के सामने एसयूवी वाहन द्वारा किया गया था।"
कफार ने घटना स्थल पर डीपीए को बताया, "इस हमले में तीन नागरिक मारे गए हैं और छह अन्य घायल हो गए हैं।"
इसके पहले गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता जमराई बशारी ने कहा था कि दो नागरिकों की मौत हो गई है और छह घायलों में से दो की हालत गंभीर बनी हुई है।
सार्वजनिक स्वास्थ्य मंत्रायल के प्रवक्ता फरीद राहिद ने कहा कि अस्पताल में अब तक एक शव तथा सात घायलों को लाया गया है। उन्होंने बताया है कि हताहतों में सभी नागरिक हैं।
इस हमले के कारण हवाई अड्डे के पूर्वी प्रवेश द्वार पर स्थित उत्तर अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) की एक जांच चौकी के पास सड़क पर एक विशाल गड्ढा बन गया।
हवाई अड्डे के पास एक छोटा-सा कैफे चलाने वाले 45 वर्षीय नवरोज, जिन्हें हमले में हल्की चोट भी आई है, ने कहा है कि विस्फोट इतना तेज था कि उतनी तेज आवाज उन्होंने इसके पहले कभी नहीं सुनी थी।
नवरोज ने कहा, "मैं अपनी दुकान में बैठा हुआ था, तभी वहां एक बड़ा धमाका हुआ और एक नुकीला टुकड़ा मेरी बाह में आकर धंस गया। मैं बेहोश हो गया। लेकिन जब मुझे होश आया तो मैंने पाया कि मेरी दुकान की सभी खिड़कियों के शीशे टूट गए थे।"
विस्फोट के कारण हवाई अड्डे पर गतिविधियां कुछ घंटे के लिए स्थगित कर दी गईं।
अहमद जमाल नामक एक प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कि यह धमाका उस समय हुआ, जब नाटो के दो वाहन हवाई अड्डे में बने सैन्य ठिकाने में दाखिल हो रहे थे।
तालिबान प्रवक्ता जैबुल्लाह मुजाहिद ने कहा है कि इस हमले को उसके एक लड़ाके ने अंजाम दिया है। उसका नाम मोहम्मदुल्लाह है और वह दक्षिण काबुल के मोहम्मद आगा जिले का रहने वाला है।
मुजाहिद ने डीपीए को एक अज्ञात स्थल से फोन पर बताया, "इस हमले में नाटो के तीन वाहन ध्वस्त हो गए हैं और 25 सैनिक और सैन्य कर्मी घायल हो गए हैं।"
नाटो मुख्यालय की प्रवक्ता ने भी घटना की पुष्टि की है लेकिन हमले में सुरक्षाकर्मियों के हताहत होने के बारे में वह कुछ नहीं बता सकी हैं।
इससे पहले हवाई अड्डे के एक अधिकारी ने कहा था कि विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि कुछ दूरी पर स्थित उनके कार्यालय की खिड़कियों के शीशे चटक गए।
यह हवाई अड्डा काबुल के पूर्व में स्थित है और इसका नागरिक और सैन्य दोनों उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा यह अफगानिस्तान में तैनात अंतर्राष्ट्रीय फौजों के ठिकाने के रूप में भी प्रयोग में लाया जाता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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