बिहार में सूखे के बाद अब बाढ़ का कहर
नालंदा जिले के छह प्रखंड बिहारशरीफ, रहुई, अस्थावा, कतरीसराय, हिलसा तथा हरनौत के 100 से ज्यादा गांवों में बाढ़ का पानी घुस गया है। ऐसी स्थिति सकरी, लोकाइन तथा जिराइन नदियों के तटबंधों के टूटने के कारण हुई है।
नालंदा के जिलाधिकारी संजय कुमार अग्रवाल ने मंगलवार को आईएएनएस को बताया कि बाढ़ प्रभावित इलाकों में 20 नावों का परिचालन प्रारंभ कर दिया गया है तथा प्रभावित परिवारों के बीच मंगलवार को पांच-पांच किलोग्राम अनाज वितरित किए गए। उन्होंने बताया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-82 पर पानी के कम होने के बाद आवागमन प्रारंभ कर दिया गया है।
ज्ञात हो कि सोमवार को इस राजमार्ग पर आवागमन रोक दिया गया था। उन्होंने बताया कि तटबंधों की मरम्मत के लिए आवश्यक निर्देश भी दिए गए हैं।
इधर, नवादा जिले के कादिरगंज के समीप सकरी नदी का पुल बाढ़ के कारण नष्ट हो गया है, जिससे करीब 10 हजार लोगों का संपर्क जिला मुख्यालय से टूट गया है।
कैमूर जिले के विक्रमगंज अनुमंडल के चार प्रखंडों में दुर्गावती नदी के बाढ़ के पानी ने कहर मचा दी है। कई नहरों के जर्जर हो चुके तटबंधों के टूट जाने का खतरा मंडराने लगा है। गया जिले के फल्गू नदी में अचानक पानी बढ़ जाने के कारण पितृपक्ष में पिण्डदान करने आए लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications