केले की चमक से ही आकर्षित हो जाते हैं बंदर
समाचार एजेंसी डीपीए के अनुसार 'इंसब्रुक विश्वविद्यालय' द्वारा किए गए अध्ययन में इस संबंध में जानकारी दी गई है।
विश्वविद्यालय के जैव रसायनशास्त्री बर्नहार्ड क्रेयूलेटर ने कहा कि जब पके केले में भूरे रंग का निशान विकसित होता है तो उसके चारों तरफ नीला रंग दिखने लगता है। यह रंग पराबैंगनी प्रकाश में नजर आता है।
बर्नहार्ड का कहना है कि केले में नीले रंग के आने की वजह क्लोरोफिल रसायन को माना जाता है। जब केला पूरी तरह भूरे रंग में आ जाता है तो नीला रंग भी गायब हो जाता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications