म.प्र. में मुख्यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजना में 75 हजार मजदूर लाभान्वित
मुख्यमंत्री मजदूर सुरक्षा योजना के बारे में बताते हुए बघेल ने कहा कि यह योजना प्रदेश में 11 अक्टूबर 2007 से प्रारम्भ की गयी है। इस योजना के अंतर्गत समस्त भूमिहीन खेतिहार मजदूर जिनके परिवार में किसी सदस्य के नाम से खेती की भूमि न हो तथा जो जीविकोपार्जन के लिए कृषि, उद्यानिकी, वन रोपण तथा वनोपज संग्रह आदि में कार्यरत प्रदेश के निवासियों के लिए लागू की गई है। इस योजना के अंतर्गत पंजीबद्घ मजदूरों के परिवार के लिए प्रसूति सहायता, छात्रवृति, विवाह सहायता, चिकित्सा सहायता, दुर्घटना में मृत्यु की स्थिति में अनुग्रह सहायता राशि प्रदान की जाती है।
बघेल ने बताया कि राज्य शासन ने सितम्बर 2006 से तीन वर्षीय उत्थान अभियान शुरू किया है। इसके अंतर्गत नि:शक्तजनों का सर्वेक्षण कर नि:शक्तजनों की आवश्यकताओं का आकलन कर उनकी जरूरतों की पूर्ति करना, नि:शक्त व्यक्तियों को प्रशिक्षण, स्वास्थ्य शिविर का आयोजन, सेवा शिविरों का आयोजन, स्व-सहायता समूह का गठन करना, समेकित शिक्षा योजना के अंतर्गत शासकीय विद्यालयों में प्रशिक्षित शिक्षक उपलब्ध कराना आदि महत्वपूर्ण कार्य किए गए हैं। वृद्घाश्रम योजना के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में संभाग स्तर एवं कुछ जिलों में सर्वसुविधा युक्त वृद्घाश्रम खोले जाएंगे। इसके अतिरिक्त भारत सरकार की प्रस्तावित वृद्घाश्रम भवन निर्माण योजना कुछ चुनिंदा जिलों में शुरू की जाएगी। इनमें भोपाल, सागर, जबलपुर, उज्जैन, इन्दौर प्रमुख हैं। भारत सरकार की योजना के तहत 10 लाख से नीचे जनसंख्या के लिए 25 अन्त:वासियों, 10 से 20 लाख की जनसंख्या वाले जिलों में 100 अन्त:वासियों की क्षमता वाले वृद्घाश्रम भवन का निर्माण किया जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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