पश्चिम बंगाल सरकार ने आईटी टाउनशिप परियोजना रद्द की (लीड-2)
राज्य के सूचना प्रौद्योगिकी विभाग की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, "सरकार किसी भी अनधिकृत गतिविधि में शामिल नहीं होना चाहती।"
बयान में कहा गया है, "ऐसे क्षण में हम विप्रो और इनफोसिस को भूमि मुहैया कराने के लिए किए गए अपने वादे पर कायम रहने की स्थिति में नहीं है।"
यह परियोजना साल्ट लेक के पास राजरहाट में प्रस्तावित आईटी टाउनशिप में लागू की जानी थीं। लेकिन भूखंडों के अधिग्रहण में भू-माफिया के शामिल होने के कथित आरोप के कारण हाल के हफ्तों में यह परियोजना विवादों में आ गई थी। इस परियोजना के विकास में वेदिक रियलटी शामिल है।
राज्य सरकार की आईटी एजेंसी वेबेल, आईटी परियोजना के लिए 1,600 एकड़ भूमि के बंदोबस्त के काम में वेदिक रियलटी के साथ साझेदार रही है।
इनफोसिस और विप्रो ने अपने उद्यमों के लिए राज्य सरकार से 90 एकड़ भूमि की मांग की थी। यहां तक कि आईटीसी इनफोटेक भी इस आईटी हब में जगह पाने के लिए आंखें गड़ाए हुए थी।
वेदिक रियलटी का नाम लिए बगैर बयान में कहा गया है, "इन आईटी कंपनियों को भूमि उपलब्ध कराने में सरकार के विफल रहने के बाद एक निजी कंपनी ने अपनी ओर से इनफोसिस से संपर्क किया और हवाई अड्डा और राजरहाट न्यू टाउन के पास भूमि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव दिया।"
केवल एक महीने पहले ही पश्चिम बंगाल सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री देबेश दास ने घोषणा की थी कि सरकार ने प्रस्तावित टाउनशिप परियोजना में इंफोसिस और विप्रो के लिए भूमि का अधिग्रहण कर लिया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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