सईद पर मुकदमा चलाने की पाकिस्तानी अनिच्छा त्रासदीपूर्ण : चिदंबरम (लीड-1)
निजी समाचार चैनल 'एनडीटीवी' को दिए एक साक्षात्कार में चिदंबरम ने कहा, "यदि यह कहा जाए कि पाकिस्तान जांच को दबा रहा है तो यह एक बहुत कठोर शब्द हो जाएगा, लेकिन जांच को आगे बढ़ाने के प्रति उसकी अनिच्छा के कुछ अजीब कारण तो हैं।"
उन्होंने कहा, "मेरे विचार से इन सबूतों के बावजूद उन्हें छोड़ना त्रासदीपूर्ण है।"
चिदंबरम का यह बयान ऐसे समय में आया है, जब पाकिस्तान ने पिछले सप्ताह भारत के साक्ष्यों के छठे दस्तावेज को भी पहले के दस्तावेजों का प्रतिरूप बताकर उसे खारिज कर दिया और सईद पर मुकदमा चलाने के लिए उसे नाकाफी बताया है।
भारत द्वारा दस्तावेज में दिए गए विवरणों का जिक्र करते हुए चिदंबरम ने कहा, "हमें पता है कि एकमात्र जीवित पकड़ा गया पाकिस्तानी आतंकवादी अजमल आमिर कसाब हाफिज सईद से कब पहली बार मिला। हम जानते हैं कि सईद ने प्रशिक्षुओं से क्या कहा। हमें कम से कम दो प्रशिक्षण शिविरों के बारे में पता है जिनका सईद ने दौरा किया था।"
चिदंबरम ने यह भी कहा है कि सईद ने आतंकवादियों के उपनाम रखे और उनके कौशल की परीक्षा ली।
चिदंबरम ने कहा कि सईद के साथ एक अन्य व्यक्ति भी था, जिसे मेजर जनरल साहिब पुकारा गया। सईद ने उससे 10 लक्ष्य निर्धारित करने को कहा था। कसाब ने चौथे लक्ष्य पर निशाना लगाया था।
गृह मंत्री ने कहा कि सईद ने मुंबई हमले में शामिल सभी 10 आतंकवादियों के रवाना होते समय उनसे बाकायदा मुलाकात की थी और उन्हें अंतिम निर्देश जारी किए थे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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