सेना को परमाणु क्षमता के बारे में आश्वस्त करें : पूर्व सेना प्रमुख
रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन (डीआरडीओ) के पूर्व वैज्ञानिक के.संथानम ने 11 मई 1998 को हुए परीक्षणों को विफल बताया था।
मलिक ने रविवार को कहा कि सेना को हथियार प्रणाली के बारे में फिर से आश्वस्त करने की जरूरत है।
पूर्व रक्षा वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति ए.पी.जे.अब्दुल कलाम की बहस को अनावश्यक करार देते हुए मलिक ने वैज्ञानिकों को इस विवाद को स्पष्ट करने के लिए आगे आने को कहा।
समाचार चैनल सीएनएन-आईबीएन पर एक साक्षात्कार में मलिक ने इस मुद्दे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की टिप्पणी को एक "राजनीतिक बयान " बताया।
उन्होंने कहा कि सेना के लोग उन लोगों से ही आश्वस्त होंगे जिन्होंने परमाणु हथियारों का विकास किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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