रोसैया के नेतृत्व में मंत्रियों ने फिर से ली शपथ (लीड-2)
राज्यपाल नारायण दत्त तिवारी ने राजभवन में आयोजित एक सादे समारोह में सभी 34 मंत्रियों को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। शपथ लेने वालों में पूर्ववर्ती राजशेखर रेड्डी मंत्रिमंडल के सभी सदस्य शामिल हैं।
तिवारी ने संविधान विशेषज्ञों से सलाह मशविरा करने के बाद मंत्रिपरिषद के सदस्यों को फिर से शपथ लेने की सलाह दी थी।
उल्लेखनीय है कि रोसैया ने राज्यपाल को खत लिखकर आग्रह किया था कि वह बगैर शपथ लिए ही मंत्रियों को काम करते रहने की अनुमति दें। लेकिन राज्यपाल ने रोसैया को पत्र लिखकर कहा कि सभी मंत्रियों को फिर से शपथ लेनी होगी।
इससे पहले वाईआरएस के पुत्र जगनमोहन को मुख्यमंत्री बनाने के लिए दबाव बनाने के वास्ते शपथ लेने से इंकार कर रहे करीब एक दर्जन मंत्री वाईआरएस के पुराने मित्र और राज्यसभा सदस्य के.वी.पी.रामचंद्र राव के हस्तक्षेप के बाद नरम पड़े।
वाईएसआर के पुत्र जगनमोहन ने रविवार को कहा कि राज्य के नए मुख्यमंत्री का फैसला कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी करेंगी।
उन्होंने अपने सभी प्रशंसकों से शांति व अनुशासन बनाए रखने की अपील की है। जगनमोहन के समर्थक उन्हें मुख्यमंत्री बनाए जाने की मुहिम चला रहे हैं।
इससे पहले वाईएसआर को श्रद्धांजलि देने के लिए राज्य कांग्रेस मुख्यालय में रविवार को आयोजित एक बैठक में जगनमोहन को मुख्यमंत्री बनाने की मांग को लेकर उनके समर्थकों ने जोरदार हंगामा किया।
समर्थकों की भीड़ से बचाने के लिए सुरक्षाकमिर्यो को कार्यवाहक मुख्यमंत्री के.रोसैया, राज्य कांग्रेस प्रमुख डी. श्रीनिवास, केंद्रीय मंत्री एस. जयपाल रेड्डी और अन्य वरिष्ठ नेताओं को पार्टी मुख्यालय गांधी भवन के सभाकक्ष से बाहर ले जाना पड़ा।
इस घटना के एक घंटे बाद कांग्रेस विधायक दल की ओर से रविवार को जारी किए गए चार पन्नों के एक बयान में जगनमोहन ने कहा, "दिवंगत वाईएसआर के अधूरे सपनों को पूरा करने की हम सभी की जिम्मेदारी है। हमें हिम्मत और साहस के साथ आगे बढ़ना होगा और शांतिपूर्ण तरीके से उन्हें श्रद्धांजलि देनी होगी।"
उन्होंने कहा, "वाईएसआर को श्रद्धांजलि देने का सर्वश्रेष्ठ तरीका है कि समर्थक उनके विचारों को आगे बढ़ाएं और उनकी याद में आयोजित सभी कार्यक्रमों को पूरा होने दें।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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