उल्लू को बंदी रखने की सजा मिली
छिंदवाड़ा के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी संजय कुमार द्विवेदी ने गेंदालाल को पिछले सप्ताह यह सजा दी।
एक वन अधिकारी के मुताबिक, "उल्लू को अपने घर में कैद करने के लिए गेंदालाल को यह सजा दी गई है। वन्यजीव संरक्षण कानून, 1972 के तहत ऐसा करना गैरकानूनी है। पक्षी के पंख काटने के आरोपी को 10,000 रुपये जुर्माना भी भरना होगा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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