गांवों में बैंकिंग सेवाओं में एनजीओ एवं सेवानिवृत लोगों की मदद
अगरतला में देर शुक्रवार को एक गोष्ठी को संबोधित करते हुए थोराट ने कहा, "बैंक सेवाओं की पहुंच से दूर लोगों तक पहुंचना हमारी प्राथमिकता है। हम गैर सरकारी संगठनों, स्व-सहायता समूहों, सहकारिताओं, वित्तीय निकायों, सेवानिवृत शिक्षकों, सरकारी कर्मचारियों और जिम्मेवार नागरिकों की मदद से ग्रामीणों तक बैंकिंग सेवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करना चाहते हैं।"
उन्होंने कहा, "यह नया सेवा माडल निश्चित तौर पर पूर्वोत्तर राज्यों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा। यह इन राज्यों के लिए अनूठा मॉडल साबित होगा। अभी भी पूर्वोत्तर के सुदूर ग्रामीण इलाकों में बैंकिंग सेवाओं की पहुंच नहीं हो पाई है।"
उन्होंने कहा कि लोगों के दरवाजे तक बैंकिंग सेवा पहुंचाकर ही हम विकास में उनकी भागीदारी सुनिश्चित कर सकते हैं। ग्राहकों को बायो-मेट्रिक कार्ड मुहैया कराए जाएंगे और बैंक, एजेंट एवं ग्राहक एकल संपर्क नेटवर्क के दायरे में होंगे। बैंक अपने 75 वें स्थापना वर्ष (प्लैटिनम जुबली)के मौके पर जागरूकता कार्यक्रमों, गोष्ठियों और सेवा शिविरों का आयोजन कर रहा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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