सूखा राहत के लिए हिमाचल ने की 608 करोड़ रुपये की मांग
धूमल ने यह मांग केंद्र सरकार के संयुक्त सचिव ई़ क़े मांझी के नेतृत्व में सूखे से फसलों तथा अन्य अधोसंरचना को हुए नुकसान का जायजा लेने के लिए प्रदेश दौरे पर आए केन्द्रीय दल से की। केन्द्रीय दल ने प्रदेश के कांगड़ा, हमीरपुर, बिलासपुर, शिमला तथा सोलन जिलों का दौरा कर वहां किसानों तथा स्थानीय प्रशासन के साथ सूखे से हुए नुकसान का जायजा लिया।
दल ने प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक आयोजित करने के उपरांत आज यहां मुख्यमंत्री धूमल से भेंट की। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश को इस वर्ष अप्रत्याशित सूखे का सामना करना पड़ा है, जिसके परिणामस्वरूप किसान इस सीज़न के दौरान कम नमी के कारण पारंपरिक फसलों की बुआई नहीं कर पाए, जिससे किसानों की आर्थिकी बुरी तरह से प्रभावित हुई है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में कृषि तथा बागवानी फसलों की खेती अनुकूल मौसम, वर्षा आधारित जल स्रोतों की सिंचाई योजनाओं एवं वर्षा पर निर्भर है। उन्होंने कहा कि कम वर्षा के कारण वर्तमान सिंचाई योजनाओं की जल क्षमता में कमी के कारण फसलों की बुआई में विलम्ब हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में सूखे के कारण हरे पशु चारे का भी अभाव है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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