तराई क्षेत्र के सांसदों ने सरकार से समर्थन वापस लेने की धमकी दी
काठमांडू, 5 सितम्बर (आईएएनएस)। पशुपतिनाथ मंदिर के दो पुजारियों पर हुए हमले के कारण फजीहत का सामना कर रही नेपाल सरकार की मुसीबत और बढ़ गई है। इस विवाद से उबरने की कोशिश कर रही नेपाल सरकार को उस वक्त करारा झटका लगा जब सत्ता में भागीदारी के मसले पर तराई क्षेत्र के कई सांसदों ने समर्थन वापस लेने की धमकी दे दी।
देश के तराई क्षेत्र के सांसदों ने प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल की सरकार से समर्थन वापस लेने की धमकी दी है। मधेशी समुदाय के अधिकारों के लिए संघर्ष करने वाली पार्टी मधेशी जनाधिकार फोरम-लोकतांत्रिक (एमजेएफ-एल)के कई सांसद मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान अपनी उपेक्षा से खफा हैं। इस पार्टी के कुल 15 सांसदों ने कड़ा रुख अपना लिया है।
एमजेएफ-एल के नेता बिजय कुमार गच्छेदार देश के उप प्रधानमंत्री हैं। 601 सदस्यीय अंतरिम संसद में इस पार्टी के कुल 28 सांसद हैं। सरकार के खिलाफ सांसदों ने तब बगावती तेवर अपना लिए जब प्रधानमंत्री ने इसी सप्ताह अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया। मंत्रिमंडल में नौ नए सांसदों को शामिल किया गया है। इनमें से अधिकांश तराई इलाके के ही सांसद हैं। दरअसल, कई और सांसदों ने मंत्री बनने का सपना पाल रखा था।
अगर असंतुष्ट सांसदों ने धमकी पर अमल किया तो सरकार के लिए मुसीबत खड़ी हो जाएगी। इससे विपक्षी माओवादी पार्टी को सरकार बनाने का प्रयास तेज करने का मौका मिल सकता है। पिछले साल चुनाव के बाद एमजेएफ चौथी सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी थी, लेकिन में मई में कम्युनिस्ट सरकार के गठन के बाद इसका विभाजन हो गया था। एमजेएफ-एल इसी से निकलकर बनी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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