आरुषि हत्याकांड : सीबीआई अधिकारी को वापस राज्य कैडर में भेजा गया
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को यहां बताया कि यह निर्णय पोस्टमार्टम के दौरान आरुषि तलवार के लिए गए नमूनों के साथ की गई छेड़छाड़ का मामला प्रकाश में आने के बाद लिया गया।
सीबीआई निदेशक अश्विनी कुमार ने इस बहुचर्चित मामले में अति शर्मनाक गड़बड़ी पाई है। अश्विनी कुमार हालांकि शुरू में अरुण कुमार के प्रशंसक रहे हैं। अरुण कुमार इस जांच एजेंसी में उपमहानिरीक्षक के पद पर तैनात थे और वह व्यापक तौर पर अपनी शुचिता के लिए जाने जाते रहे हैं।
ज्ञात हो कि नोएडा स्थित सरकारी जिला अस्पताल के चिकित्सक एस.एच.दोहरेने आरुषि के शव से नमूने एकत्र किए थे और उन्होंने उन्हें सीबीआई को सौंप दिया था। सीबीआई ने उन्हें दिसंबर 2008 में हैदराबाद स्थित डीएनए फिंगरप्रिटिंग व निदान केंद्र को भेज दिया था। लेकिन केंद्र ने पाया कि वह नमूना आरुषि का नहीं था।
दोहरे ने आईएएनएस को फोन पर बताया, "मैंने सीबीआई अधिकारियों को बताया कि मैंने नमूने की एक स्लाइड तैयार की थी। डीएनए जांच के लिए उस नमूने को भेजा जाना था। इससे यह संकेत भी मिल सकता था कि हत्या के पहले आरुषि के साथ बलात्कार भी हुआ था या नहीं, जैसा कि पुलिस का कहना था।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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