हमें अपमानित न करें : पशुपतिनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी

काठमांडू, 5 सितम्बर (आईएएनएस)। प्रसिद्ध पशुपतिनाथ मंदिर के मुख्य पुजारी महाबालेश्वर बेरी ने कहा है कि अगर नेपालियों को इस मंदिर में भारतीय पुजारियों की मौजूदगी पसंद नहीं है तो वह अपने पुजारी साथियों के साथ भारत लौटने को तैयार हैं। उन्होंने नेपाल के लोगों से पुजारियों का अपमान नहीं करने की अपील की है।

पांचवीं सदी के इस ऐतिहासिक मंदिर की प्रतिमा का स्पर्श करने का अधिकार सिर्फ मुख्य पुजारी को ही है।

बेरी ने कहा कि अगर नेपाली इस मंदिर में हमें देखना नहीं चाहते हैं तो वह और उनके अन्य भारतीय पुजारी भारत लौटने को तैयार हैं। मंदिर के दो भारतीय पुजारियों की पिटाई की घटना से विवाद और गहरा गया है।

कर्नाटक के उडिपी जिले के रहने वाले बेरी ने कहा, "हम शरणार्थी नहीं हैं। अगर नेपाली जनता को हम पसंद नहीं हैं तो हमें भारत लौटने में कोई परहेज नहीं है। हम लोगों से अपील करते हैं कि वे हमें अपमानित न करें।"

पिछले करीब दो दशकों से नेपाल में रह रहे इस 41 वर्षीय पुजारी का कहना है कि भारतीय पुजारियों पर मंदिर के चढ़ावे का गबन करने का आरोप बिल्कुल निराधार है।

उन्होंने कहा, "चढ़ावे से हमारा कुछ लेना-देना नहीं है। हमारी जिम्मेवारी मंदिर में सिर्फ पूजा करना है। यहां के देवताओं की विधिवत पूजा ही हमारा एकमात्र कर्तव्य है।" बेरी ने दो भारतीय पुजारियों पर हमले के बाद अपनी चुप्पी तोड़ी है।

बेरी ने कहा कि इस घटना के बाद यहां के भारतीय पुजारी अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। उन्होंने कहा कि धर्म को राजनीति में घसीटना उचित नहीं है।

इधर, नेपाल के संस्कृति मंत्री मीनेंद्र रिजाल ने कहा है कि भारतीय पुजारियों की नियुक्ति मंदिर के प्रावधानों के मुताबिक होती रही है। इसे राष्ट्रीयता से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा, "पुजारियों के चयन का आधार योग्यता है, न कि राष्ट्रीयता।"

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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