पुजारियों पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा: नेपाली प्रधानमंत्री
काठमांडू, 5 सितम्बर (आईएएनएस)। ऐतिहासिक पशुपतिनाथ मंदिर के दो भारतीय पुजारियों को निर्वस्त्र कर पीटे जाने की घटना पर सख्त नाराजगी जताते हुए प्रधानमंत्री माधव कुमार नेपाल ने कहा है कि ऐसे उत्पाती तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिन्होंने इस घटना को अंजाम दिया है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि प्रशासन ऐसे उत्पाती तत्वों की पहचान कर उन्हें कानून के घेरे में लाएगा। उन्होंने गुस्से के स्वर में कहा, "हम ऐसी वारदातों के मूकदर्शक नहीं हैं। अपराधियों को कटघरे में खड़ा किया जाएगा।"
प्रधानमंत्री ने काठमांडू में एक अस्पताल के उद्घाटन के मौके पर यह बयान दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि इस पूरे विवाद के पीछे विपक्षी माओवादियों की भूमिका है। माओवादी भारत-नेपाल रिश्तों को कमजोर करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा, "यह अफसोस की बात है कि पशुपतिनाथ जैसे स्थल को भी बख्शा नहीं जा रहा है।"
उधर, शनिवार को दंगा निरोधक पुलिस दस्ते ने 30 प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया है और मंदिर परिसर तक जाने वाली सड़क को खाली कराने के लिए पुलिस को लाठी चार्ज भी करना पड़ा। भारतीय पुजारियों की नियुक्ति का विरोध करने के लिए गठित संगठन 'पुजारी निजुक्त बिरोध संघर्ष समिति' का दावा है कि उसका आंदोलन राजनीतिक नहीं है, पर माना यह जा रहा है कि पूरे प्रकरण के पीछे विपक्षी माओवादी पार्टी की भूमिका है। जब यह पार्टी सत्ता में थी तो उसने भारतीय पुजारियों की नियुक्ति की परिपाटी को समाप्त करने की कोशिश की थी। उस वक्त भी बड़ा विवाद पैदा हो गया था।
इस पूरे घटनाक्रम से भारत के सामने नई कूटनीतिक चुनौती पैदा हो गई है। बढ़ते तनाव के बीच नेपाल में भारत के राजदूत राकेश सूद और नेपाल के संस्कृति मंत्री मीनेंद्र रिजाल ने मंदिर में आज संयुक्त रूप से प्रार्थना की।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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