भारतीय राजदूत एवं नेपाली मंत्री ने पशुपतिनाथ मंदिर में प्रार्थना की
काठमांडू, 5 सितम्बर (आईएएनएस)। ऐतिहासिक पशुपतिनाथ मंदिर में नए भारतीय पुजारियों की नियुक्ति को लेकर गहराते तनाव के बीच भारतीय राजदूत राकेश सूद और नेपाल के संस्कृति मंत्री मीनेंद्र रिजाल ने आज इस मंदिर में संयुक्त रूप से प्रार्थना की। इसके पीछे भारत-नेपाल मैत्री के अटूट बने रहने का संदेश देने का उद्देश्य भी छिपा था।
रिजाल ने इस मौके पर पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा, "यह दुर्भाग्य की बात है कि सदियों पुरानी भारत-नेपाल मैत्री को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। नेपाल सरकार दो पुजारियों पर बर्बर एवं अपमानजनक हमले से भौचक है। हम ऐसी कायराना कार्रवाई बर्दाश्त नहीं करेंगे।" मंत्री ने कहा कि सरकार मंदिर के पुजारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर है।
उल्लेखनीय है कि भारत के कर्नाटक राज्य के रहने वाले गिरीश भट्ट एवं राघवेंद्र भट्ट को इस मंदिर का पुजारी बनाने का पुरजोर विरोध हो रहा है। बुधवार को एक गुस्साई भीड़ ने इन दोनों पुजारियों को निर्वस्त्र कर उनकी पिटाई की थी। हमलावर मंदिर में पूजा करने के बहाने आए थे।
शनिवार की सुबह इन दोनों पुजारियों को कड़ी पुलिस सुरक्षा के बीच मंदिर में ले जाया गया। भारतीय राजदूत ने कहा कि यह अफसोस की बात है कि धर्म को राजनीति में घसीटा जा रहा है। उन्होंने कहा, "धर्म एक ऐसा कारक है जो भारत एवं नेपाल की जनता को करीब लाता है, लेकिन राष्ट्रीयता के नाम पर इसे निशाना बनाया जा रहा है। धर्म और राष्ट्रीयता को एक-दूसरे से अलग रखना चाहिए।" भारतीय राजदूत ने कहा कि उन्होंने भारत सरकार की चिंता से नेपाल को अवगत करा दिया है।
सूद ने कहा कि जो लोग उत्पात मचा रहे हैं, उन्हें पशुपतिनाथ मंदिर और हिंदू परंपरा की जानकारी नहीं है। उन्होंने इसका जिक्र किया कि भारत के बद्रीनाथ, केदारनाथ मंदिरों एवं काशी के कई मंदिरों में नेपाली पुजारी हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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