अप्रवासियों ने सिखाई थी यूरोप को खेती-बाड़ी
इस शोध रिपोर्ट में कहा गया है कि करीब 7,500 वर्ष पहले मध्य और पूर्वी यूरोप आने वाले अप्रवासियों ने यूरोप के लोगों को शिकार छोड़कर खेती-बाड़ी करने की प्रेरणा दी थी। यूरोप को कई फलों एवं अनाज की खेती करना और कई प्रजातियों के पशुओं को पालतू बनाने की तरकीब सिखाने का श्रेय इन अप्रवासियों को जाता है।
ये अप्रवासी अपने साथ कई पालतू पशु और पौधे लेकर आए। शोधकर्ताओं ने प्राचीन कब्रों में दफन किसानों एवं शिकारियों के कंकालों के डीएनए अन्वेषण के आधार पर यह निष्कर्ष निकाला है। इन जीवाश्मों की डीएनए संरचना की तुलना आधुनिक यूरोपीय लोगों की डीएनए संरचना से की कई गई।
शिकारियों एवं किसानों की डीएनए संरचना में बेहद आंशिक समानता पाई गई, जबकि किसानों की डीएनए संरचना आधुनिक यूरोपीय लोगों से मेल खाती है। लंबे समय से यूरोपीय पुरातत्ववेत्ता, नृ विज्ञानी, भाषाविद और जीन विशेषज्ञ इस सवाल पर मंथन करते रहे हैं कि आखिर यूरोपीय लोगों के पूर्वज कौन थे।
जर्मनी के मेंज विश्वविद्यालय एवं यूनिवर्सिटी कॉलेज लंदन एंड कैम्ब्रिज की एक शोध टीम का निष्कर्ष है कि अधिकांश आधुनिक यूरोपीय लोगों के पूर्वज पाषाणकालीन शिकारी नहीं, बल्कि खेतिहर अप्रवासी थे। एक शोधकर्ता मार्क थॉमस कहते हैं, "कई लोगों को यह सुनकर अटपटा लग सकता है कि यूरोपीय लोगों के पूर्वज विदेशी थे, पर सच यही है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
**


Click it and Unblock the Notifications