रिलायंस के खिलाफ सर्वोच्च न्यायालय पहुंची एनटीपीसी
रिलायंस इंडस्ट्रीज ने बंबई उच्च न्यायालय को बताया था कि विशेषाधिकार प्राप्त मंत्रियों के समूह द्वारा गैस की कीमत 4.2 डॉलर प्रति यूनिट तय करने के बाद वह एनटीपीसी को 2.34 डॉलर प्रति यूनिट पर गैस की आपूर्ति नहीं कर सकती।
एनटीपीसी की कवास और गंधार विस्तार परियोजनाओं के लिए 1.2 करोड़ मीट्रिक स्टैंडर्ड क्यूबिक मीटर गैस प्रतिदिन 2.34 डॉलर प्रति यूनिट की दर से आपूर्ति करने के सौदे पर पहले रिलायंस के साथ समझौता हुआ था।
परंतु सर्वोच्च न्यायालय में दायर एक अलग याचिका में सरकार ने कहा है कि मंत्रिमंडलीय समिति द्वारा तय 4.2 डॉलर प्रति यूनिट मूल्य का बंबई उच्च न्यायालय में रिलायंस के खिलाफ एनटीपीसी द्वारा दायर मामले से कुछ लेना देना नहीं है।
सरकार ने मुकेश अंबानी की रिलायंस इंडस्ट्रीज और उनके छोटे भाई अनिल अंबानी की रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज के बीच ऐसे ही एक विवाद में सर्वोच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान यह याचिका दायर की थी।
उधर, एनटीपीसी ने शुक्रवार को बंबई स्टाक एक्सचेंज को बताया कि मंत्रिमंडलीय समिति के आवंटन के अनुसार वह रिलायंस इंडस्ट्रीज से प्रतिदिन 26.7 लाख यूनिट गैस प्रतिदिन हासिल करने के समझौते के काफी करीब है।
एनटीपीसी ने कहा कि वह बंबई उच्च न्यायालय में लंबित कवास और गंधार विस्तार परियोजनाओं के मामले को प्रभावित किए बिना राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में अंता, दादरी और फरीदाबाद की गैस आधारित बिजली परियोजनाओं के लिए आवंटित गैस लेने के लिए प्रतिबद्ध है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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