विकलांग बच्चों के लिए बेंगलुरू में विशेष पार्क
यह विकलांग बच्चों के लिए शहर का दूसरा विशेष पार्क है। पार्क में घुसते ही वाणी खुश से झूम उठी। वाणी की मां पल्लवी ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "शारीरिक रूप से विकलांग दूसरे बच्चों की तरह ही मेरी बेटी भी पार्क में मौज-मस्ती के अवसर से वंचित थी। सामान्य पार्क ऐसे बच्चों की जरूरतों के हिसाब से विकसित नहीं किए जाते। जब हाल ही में यह पार्क बनकर तैयार हुआ तो मैंने अपनी बेटी को यहां लाने का फैसला किया।"
विकलांग बच्चों की जरूरत के लिहाज से वर्ष 2006 में विकसित कोल्स पार्क परियोजना की सफलता से प्रेरित होकर इन मासूमों के लिए शहर में एक और पार्क विकसित किया गया है। फ्रेजर रोड स्थित कोल्स पार्क भारत का पहला ऐसा पार्क है जिसे विकलांगों की जरूरतों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
दोनों पार्को का विकास बृहत बेंगलुरू महानगर पालिके(बीबीएमपी) ने किया है। इन दोनों पार्को के विकास में एक स्वयंसेवी संगठन किलीकिली की भूमिका है। पार्क के प्रवेश द्वार पर रैंप बनाया गया है ताकि बच्चे ह्वीलचेयर के साथ इसमें प्रवेश कर सकें। मनोरंजन के सभी साधनों को ऐसे बच्चों की शारीरिक बनावट व क्षमता को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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