रेड्डी की मौत के सदमे से 67 का निधन
स्थानीय मीडिया में कहा गया है कि टेलीविजन पर रेड्डी की मौत से जुड़ी खबर देखकर लगभग 60 लोगों की मौत सदमे से हो गई। कुछ लोगों ने अपने चहेते नेता के जाने के गम में खुदकुशी कर ली।
तेलुगू टेलीविजन चैनलों ने रेड्डी के उन चाहने वालों की तादाद 67 बताई है जिनका रेड्डी की मौत का सदमा लगने से निधन हो गया। राज्य के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि जब किसी नेता के निधन पर इतने सारे लोगों की मौत सदमा लगने और आत्महत्या करने की वजह से हुई।
मौत के बाद रेड्डी ने लोकप्रियता के लिहाज से तेलुगू देशम पार्टी (तेदपा) के नेता एन.टी. रमाराव को भी पीछे छोड़ दिया है। खबरों में कहा गया है कि मरने वालों में ज्यादातर युवा थे।
राज्य के 23 में से 19 जिलों से लोगों की मरने की खबर आई है। रेड्डी की मौत की खबर सुनने के बाद अकेले पश्चिमी गोदावरी जिले में छह लोगों की मौत सदमे और आत्महत्या करने की वजह से हो गई।
एक युवक ने मरने से पहले अपने सुसाइड नोट में लिखा, "रेड्डी ने लोगों के लिए अपना जीवन समर्पित किया और मैं उनके लिए अपना जीवन समर्पित कर रहा हूं।"
एक कल्याणकारी योजना के तहत मासिक पेंशन पा रहे एक विकलांग दंपत्ति ने अपने चहेते नेता की मौत की खबर सुनते ही गोदावरी नदी में छलांग लगा दी हालांकि इन दोनों को मछुआरों ने बचा लिया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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