पाकिस्तान कर रहा है घुसपैठ में मदद : सेना प्रमुख (लीड-1)
जनरल कपूर ने कहा कि नियंत्रण रेखा पर युद्ध विराम का उल्लंघन भारत में आतंकियों की घुसपैठ कराने का एक तरीका है।
कपूर ने यहां संवाददाताओं से कहा, "जम्मू एवं कश्मीर में युद्ध विराम के उल्लंघन की घटनाओं में वृद्धि हुई है। क्योंकि गोलीबारी के दौरान घुसपैठ का मौका मिल जाता है। इसे एक तरह से ध्यान बंटाने के हथकंडे के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है।"
कपूर ने कहा, "पाकिस्तान की कोशिश है कि युद्ध विराम उल्लंघन के दौरान अधिक से अधिक आतंकियों की घुसपैठ करा दी जाए। लेकिन हम उनकी चाल को समझते हैं और इस मामले में वाजिब कदम उठाते हैं।"
ज्ञात हो कि शुक्रवार सुबह ही राज्य के रियासी जिले में सुरक्षा बलों और लश्कर-ए-तैयबा के आतंकवादियों के बीच मुठभेड़ हुई। कपूर ने कहा कि कश्मीर घाटी में शांति भंग करने की कोशिशें की जा रही हैं।
कपूर ने कहा, "घाटी में फिलहाल शांतिपूर्ण माहौल है। मौसम के लिहाज से यह समय बहुत ही संवेदनशील है। सीमा पार से घुसपैठ के प्रयास होंगे। ठंड का मौसम शुरू होने से पहले सीमा पार से घुसपैठ की अधिक से अधिक कोशिशें होंगी।"
उल्लेखनीय है कि नवम्बर 2003 में भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध विराम पर सहमति बनी थी। रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी ने पिछले दिनों संसद में खुलासा किया था कि 2006 से अब तक युद्ध विराम के उल्लंघन की 110 घटनाएं घट चुकी हैं।
कपूर ने हालांकि यह कहने से इंकार कर दिया कि युद्ध विराम उल्लंघन को पाकिस्तानी नेतृत्व समर्थन दे रहा है।
उन्होंने कहा, "यह पाकिस्तानी नेतृत्व ही बता सकता है। जहां तक हमारी बात है तो जब भी युद्ध विराम के उल्लंघलन की कोई घटना घटेगी, हम जवाबी कार्रवाई करेंगे। हम अपनी तरफ से संयम बरतने की भरपूर कोशिश करते हैं लेकिन युद्ध विराम उल्लंघन की घटनाएं जब बढ़ने लगती हैं तो हमें जवाबी कार्रवाई करनी पड़ती है।"
सेना प्रमुख ने कहा कि घुसपैठ रोकने के लिए हमने सुरक्षा तंत्र को बहुस्तरीय बना रखा है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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