बुजुगरें ने जीते जी ही अपना श्राद्ध और पिंडदान किया

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल स्थिति आनंद धाम वृद्घाश्रम में रहने वाले वृद्घों ने पितृपक्ष के पहले दिन जीते जी अपना पिंडदान किया और श्राद्घ भी पूरे धार्मिक अनुष्ठान के साथ किया। इस वृद्घाश्रम में 22 ऐसे वृद्घ रहते हैं जिन्हे अपनो के होते हुए जिंदगी का आखिरी वक्त वृद्घाश्रम में गुजारना पड़ रहा है।

वृद्घाश्रम में रहने वाले वृद्घ रिश्तों से अपने मगर आचरण की वजह से बेगाने हो चुके लोगों से इतने मायूस है कि उन्हें इस बात की आंशका है कि उनके दुनिया छोड़ने के बाद जरुरी कर्मकांड भी पूरे नही होंगे। इसलिए उन्होंने खुद ही अपना श्राद्घ और पिंडदान कर दिया है। आनंद धाम वृद्घाश्रम में सुबह से स्नान कर वृद्घजनों ने पंडित भोले व्यास के निर्देशन में मंत्रोच्चार के साथ श्राद्घ और पिंडदान किया। वृद्घजनों का कहना है कि धार्मिक ग्रंथों में इस बात का उल्लेख है कि व्यक्ति जीते जी अपना पिंडदान कर सकता है। सनातन मान्यता के मुताबिक मोक्ष के लिए श्राद्घ और पिंडदान जरूरी माना गया है।

आश्रम के संचालक राजेन्द्र मिश्रा ने आईएएनएस से चर्चा करते हुए कहा कि यहां रहने वाले वृद्घजनों को लगता है कि जिन बच्चों ने जिंदा रहते ध्यान नहीं दिया वे मरने के बाद परम्पराओं का क्या निर्वाहन करेंगे। यही कारण है कि आश्रम में रहने वाले 22 में से 12 वृद्घजनों ने आज अपना श्राद्घ और पिंडदान किया।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+