वाईएसआर की मौत के सदमे में सैंकडों लोगों ने दी जान (लीड-1)
लोगों के इस रुख को देखते हुए रेड्डी के पुत्र वाई.एस. जगनमोहन रेड्डी को लोगों से संयम बनाए रखने की अपील करनी पड़ी।
विभिन्न टेलीविजन चैनलों के माध्यम से जनता से अपील करते हुए जगनमोहन ने कहा, "मैं इस दुख की घड़ी में आप सभी लोगों से धर्य रखने और साहस का परिचय देने की अपील करता हूं। मेरे पिता सभी के चेहरे पर मुस्कान देखना चाहते थे और आप लोग ये कदम (आत्महत्या) उठाएंगे तो उनकी आत्मा को तकलीफ होगी।"
उन्होंने कहा, "मैं आप लोगों से निवेदन करता हूं कि आत्महत्या न करें।" उल्लेखनीय है कि कई लोग कड़प्पा से सांसद जगनमोहन को राज्य के अगले मुख्यमंत्री के रूप में देख रहे हैं।
तेलुगू टेलीविजन चैनलों के अनुसार अब तक रेड्डी के की मौत के सदमे से 122 लोगों अपनी जान दे चुके हैं।
राज्य के इतिहास में यह पहली बार हुआ है कि जब किसी नेता के निधन के सदमे से इतने सारे लोगों ने अपनी जान दी है।
इस लिहाज से रेड्डी ने लोकप्रियता में तेलुगू देशम पार्टी (तेदपा) के दिवंगत नेता एन.टी. रामाराव को भी पीछे छोड़ दिया है। खबरों में कहा गया है कि मरने वालों में ज्यादातर युवा थे।
राज्य के 23 में से 19 जिलों से लोगों की मरने की खबर आई है। रेड्डी की मौत की खबर सुनने के बाद अकेले पश्चिमी गोदावरी जिले में छह लोगों की मौत सदमे से हो गई, जबकि चार ने आत्महत्या कर ली।
एक युवक ने मरने से पहले अपने लिखा, "रेड्डी ने लोगों के लिए अपना जीवन समर्पित किया और मैं उनके लिए अपना जीवन समर्पित कर रहा हूं।"
एक कल्याणकारी योजना के तहत मासिक पेंशन पा रहे एक विकलांग दंपति ने अपने चहेते नेता की मौत की खबर सुनते ही गोदावरी नदी में छलांग लगा दी हालांकि इन दोनों को मछुआरों ने बचा लिया।
हैदराबाद में 42 वर्षीय यदगिरी ने टेलीविजन पर रेड्डी की मौत की खबर सुनते ही इस सदमे में अपना दम तोड़ दिया। रेड्डी के एक ऐसे ही 30 वर्षीय प्रशंसक की हृदयगति रूक जाने से मौत हो गई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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