दिल्ली विश्वविद्यालय छात्र संघ चुनाव के लिए मतदान शांतिपूर्ण सम्पन्न
पिछले साल की तरह इस बार विश्वविद्यालय परिसर की दीवारों पर न तो पोस्टर दिखाई दिए और न ही किसी तरह का हंगामा। सुरक्षा के लिए परिसर में चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किया गया था।
विश्वविद्यालय में सुबह के सत्र वाले महाविद्यालयों में मतदान सुबह 8.30 बजे शुरू होकर दोपहर 12.30 बजे तक चला, वहीं सांध्यकालीन महाविद्यालयों में मतदान अपराह्न तीन बजे से शुरू होकर शाम सात बजे तक चला।
दिल्ली विश्वविद्यालय के छात्र संघ चुनाव में चार बड़े पदों अध्यक्ष, उपाध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव पद के लिए इस बार 30 उम्मीदवार मैदान में हैं।
इस साल छात्र संघ चुनाव कई छात्रनेताओं को उम्मीदवारी के लिए अयोग्य करार देने के विवादों के बीच हुआ है। पूर्व चुनाव आयुक्त जे.एम. लिंगदोह की अध्यक्षता में गठित समिति की सिफारिशों के उल्लंघन के कारण कुछ छात्र नेताओं को अयोग्य ठहराया गया था।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने मंगलवार को पांच उम्मीदवारों की उस याचिका को खारिज कर दिया था जिसमें उन्होंने अपने को अयोग्य ठहराए जाने को चुनौती दी थी।
उच्च न्यायालय ने अध्यक्ष पद के लिए भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन े(एनएसयूआई) के दीपक नेगी और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के रोहित चहल, उपाध्यक्ष पद के लिए एनएसयूआई के उमेश तोमर, सचिव पद के लिए एबीवीपी के ललित कुमार और संयुक्त सचिव पद के लिए एबीवीपी के अशोक खरे की याचिका खारिज कर दी थी।
इन छात्र नेताओं को खर्च के लिए निर्धारित राशि पांच हजार रुपये से अधिक खर्च करने और रैली आयोजित करने के कारण अयोग्य ठहराया गया था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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