कश्मीर में सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर रहे हैं मोबाइल सेवा प्रदाता
जम्मू, 4 सितम्बर (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर में मोबाइल फोन सेवा प्रदान करने वाली कंपनियां अपनी बिक्री बढ़ाने के लिए सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर रही हैं। इसका लाभ उठाते हुए आतंकी फर्जी दस्तावेजों के जरिए धड़ल्ले से सिम कार्ड खरीद रहे हैं। इस स्थिति ने खुफिया एजेंसियों को सकते में डाल दिया है।
पुलिस ने पाया कि कई सारे प्रीपेड फोन कनेक्शन आतंकियों द्वारा आपस में एक-दूसरे के संपर्क में रहने के लिए इस्तेमाल किए जा रहे हैं, मोबाइल फोन के इस्तेमाल बम विस्फोटों के लिए भी किए जा रहे हैं। पुलिस ने इस सिलसिले में आठ व्यक्तियों को गिरफ्तार किया।
मामले की जांच का नेतृत्व कर रहे वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) जे.पी.सिंह ने कहा कि मोबाइल फोन सेवा प्रदाता निजी कंपनियां पहले से सेवाओं का इस्तेमाल कर रहे उपभोक्ताओं के नाम पर अतिरिक्त सिम कार्ड जारी कर रही हैं।
पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस से कहा, "यह सारा कुछ बिक्री बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। निजी मोबाइल फोन सेवा प्रदाता कंपनियां अपनी कॉरपोरेट जिम्मेदारी को भूल रही हैं और सुरक्षा मानकों को दरकिनार कर रही हैं, जो बहुत खतरनाक साबित हो सकता है।"
पुलिस अधिकारी ने कहा, "इस तरह तमाम सारे फोन कनेक्शन सहज रूप में आतंकियों के हाथों में पहुंच गए हैं।" जबकि उपभोक्ताओं को इस बारे में कुछ पता नहीं होता कि उनके नामों और दस्तावेजों का गलत इस्तेमाल किया जा रहा है।
सिंह ने माना कि आतंकियों और मोबाइल फोन डीलरों के बीच कोई साठगांठ नहीं है।
उन्होंने कहा, "अभी तक इस तरह का कोई दस्तावेज प्राप्त नहीं हुआ है जो इस तरह की साठगांठ को सत्यापित कर सके।" सिंह ने कहा कि इस मामले के खुलासे के बाद कोई 25,000 से 30,000 सिम कॉर्ड निरस्त किए जा चुके हैं।
सिंह ने कहा कि इस मामले की जांच पूरी हो चुकी है और आठ आरोपियों के खिलाफ जल्द ही आरोप पत्र दाखिल कर दिया जाएगा।
आरोपियों के नाम बताने से इंकार करते हुए सिंह ने कहा कि गिरफ्तार व्यक्तियों में निजी फोन कंपनियों के खुदरा विक्रेता शामिल हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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