प्रवासियों की क्षमता के दोहन में भारत चीन से पीछे : रिपोर्ट
शुक्रवार को जारी इस रिपोर्ट में कहा गया है, "भारतीय कंपनियां विदेशों में फैले भारतीयों की क्षमता का दोहन करने के मामले में चीनी कंपनियों से काफी पीछे रही हैं। भारत ने हाल में इसकी अहमियत समझते हुए यह प्रयास तेज किया है।"
हार्वर्ड बिजनेस स्कूल के प्रोफेसर और 'द ग्लोबल इंडियन फर्म' नामक इस रिपोर्ट के लेखकों में से एक तरुण खन्ना कहते हैं, "खुशी की बात है कि भारत की ओर से भी यह प्रयास शुरू हो गया है। सिलिकन वैली में भारतीय आईटी पेशेवरों की कामयाबी की कहानी ने भारत को प्रवासियों की क्षमता का पूरा फायदा उठाने की प्रेरणा दी। वैसे, मैं समझता हूं कि यह प्रयास अभी शुरुआती चरण में है और इस दिशा में दीर्घकालिक प्रयास की जरूरत है।"
खन्ना दोनों मुल्कों का कई बार तुलनात्मक आर्थिक अध्ययन कर चुके हैं। वह इस रिपोर्ट में कहते हैं, "चीन ने एक सुव्यवस्थित रणनीति के तहत अपने प्रवासियों की आर्थिक उपलब्धियों का इस्तेमाल अपने पक्ष में किया और नतीजा शानदार रहा। दूसरी ओर भारत इस मामले में उदासीन रहा।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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