'पिछले हादसों की जांच से बच सकती थी रेड्डी की जान'
भुवनेश्वर, 4 सितम्बर (आईएएनएस)। ऐसे में जब लोग आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री वाई.एस राजशेखर रेड्डी की मौत से गमगीन हैं, वर्षो पहले विमान हादसे में अपने एक सैनिक भाई को खोने वाले एक व्यक्ति का कहना है कि अगर अतीत में ऐसे हादसों की त्वरित ठोस जांच हुई होती तो वाईएसआर के साथ हुए हादसे को टाला जा सकता था।
जिस इलाके में वाईएसआर का हेलीकाप्टर दुर्घटनाग्रस्त हुआ, उसी इलाके में 24 दिसंबर, 1996 को एक विमान हादसा हुआ था। इसमें 22 लोग मारे गए थे। मृतकों में उड़ीसा के बल्लव कुमार साहू के भाई सनातन साहू भी शामिल थे। सनातन वायु सेना के अधिकारी थे।
बल्लव साहू कहते हैं,"जब कभी कोई नेता ऐसे हादसे का शिकार बनता है तो अधिकारी जांच में जुट जाते हैं। जब ऐसा ही हादसा दूसरे लोगों के साथ होता है तो जांच को लेकर सुस्ती और लापरवाही बरती जाती है।"
बल्लव कहते हैं कि आंध्र प्रदेश के जिस नल्लामल्ला वन्य इलाके में वाईएसआर हादसे का शिकार हुए, उसी इलाके में वर्षो पहले एक विमान हादसे में उनके भाई समेत सभी यात्री मारे गए थे।
वह कहते हैं, "अगर उस हादसे की त्वरित ठोस जांच हुई होती तो इससे हासिल सबक वाईएसआर के साथ हुए हादसे को टालने में मददगार साबित हो सकता था। हमने तब उस विमान के सुरक्षा मानकों की जांच की मांग की, पर किसी ने हमारी मांग को गंभीरता से नहीं लिया।" बल्लव केंद्रपाड़ा शहर के पास काकट गांव के रहने वाले हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
**


Click it and Unblock the Notifications