जनता के दुख-दर्द से वाकिफ रहते थे वाईएसआर रेड्डी

बुधवार सुबह करीब पांच बजे चित्तूर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को यह जानकारी दी गई थी कि मुख्यमंत्री 'रक्चाबंदा' कार्यक्रम का शुभारंभ करने अनुपल्ले गांव आएंगे। मुख्यमंत्री ने जनता की पीड़ा की थाह लेने के लिए जिले के एक सुदूर गांव की अचानक यात्रा का फैसला किया था।

हेलीकॉप्टर में सवार होने से पहले वाईएसआर ने अपने अंतिम साक्षात्कार में कहा, "मैं इस औचक यात्रा के जरिए लोगों की समस्याओं से अवगत होना चाहता हूं। मैं लोगों से सीधा संवाद करना चाहता हूं। मैंने वहां जाने की अपनी योजना के बारे में अधिकारियों को सुबह पांच बजे बताया है। अगर मैं प्रशासन को अपनी योजना की अग्रिम जानकारी देता तो कई समस्याएं दब जातीं। मैं यह जानना चाहता हूं कि क्या लोगों के कल्याण से जुड़ी प्रणाली ठीक तरीके से काम कर रही है?"

मुख्यमंत्री ने अपना यह अंतिम साक्षात्कार साक्षी टीवी चैनल को दिया था, जिसका संचालन उनके पुत्र वाई.एस. जगमोहन रेड्डी करते हैं। वाईएसआर जमीनी हकीकत को जानने के लिए हमेशा उत्सुक रहते थे। उन्होंने जन कल्याण की एक से बढ़कर एक योजनाएं शुरू कीं। विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की जीत के पीछे जननायक की उनकी छवि ही असली ताकत थी।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

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