नहीं रहे वाईएसआर, देश शोकाकुल (राउंडअप)
रेड्डी का अंतिम संस्कार शुक्रवार को पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनके गृह नगर कड़प्पा जिले के पुलिवेंदाला में किया जाएगा। मुख्यमंत्री की असमय मौत से पूरे देश में शोक की लहर है। राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति और प्रधानमंत्री सहित देश के वरिष्ठ राजनेताओं ने रेड्डी के निधन पर गहरा शोक जताया है। पूरे देश में राजकीय शोक की घोषणा की गई है। इस दौरान राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली सहित राज्यों की राजधानियों में राष्ट्र ध्वज आधा झुका रहेगा।
नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदंबरम ने रेड्डी की मौत की 'आधिकारिक पुष्टि' करते हुए कहा है कि इस हादसे की वजह के बारे में अब तक पता नहीं चल पाया है।
उन्होंने कहा, "मैं आधिकारिक तौर पर रेड्डी की दुखद मौत की पुष्टि करता हूं। परंतु मैं यह नहीं बता सकता कि इस हादसे की वजह क्या है। अभी इस बारे में कुछ कहना संभव नहीं है। हादसे की वजह के बारे में बाद में बात की जाएगी।"
चिदंबरम ने कहा कि वायु सेना के एक विमान के चालक दल ने हेलीकॉप्टर का पता लगाया। कुरनूल के नल्लामल्ला के जंगलों में मुख्यमंत्री और चार अन्य के शव बरामद किए गए। हेलीकॉप्टर में रेड्डी के साथ उनके विशेष सचिव पी. सुब्रमण्यम, मुख्य सुरक्षा अधिकारी ए. एस. सी. वेसले और दो कैप्टन एस. के. भाटिया व कैप्टन एम. एस. रेड्डी भी सवार थे। बेहद खराब मौसम के बीच वायु सेना, राज्य पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने पूरी रात तलाशी अभियान जारी रखी। चिदंबरम ने कहा कि हेलीकॉप्टर के कई टुकड़े हो गए थे और शव बुरी तरह झुलस गए थे।
राज्य के मुख्य सचिव पी. रमाकांत ने कहा, "ऐसा लगता है कि खराब मौसम और बादलों के सामने आ जाने की वजह से हेलीकॉप्टर निर्धारित मार्ग से भटक गया और एक पहाड़ की चोटी से जा टकराया।"
बुधवार को हेलीकॉप्टर से 60 वर्षीय रेड्डी हैदराबाद से 588 किलोमीटर दूर चित्तूर में एक कार्यक्रम में हिस्सा लेने जा रहे थे। तभी खराब मौसम के कारण सुबह करीब 9.30 बजे नल्लामल्ला वनक्षेत्र में उनका हेलीकॉप्टर लापता हो गया।
मई में आंध्र प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को लगातार दूसरी बार विजय दिलाने वाले रेड्डी के निधन की खबर मिलते ही प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। मुख्यमंत्री कार्यालय और गांधी भवन में रेड्डी के चाहने वाले विलाप करते देखे गए। कांग्रेस के एक कार्यकर्ता ने बिलखते हुए कहा, "वह मेरे भगवान हैं। मैं यह नहीं मान सकता है वह अब जीवित नहीं हैं।"
एक अन्य कांग्रेसी कार्यकर्ता ने कहा, "उन्होंने राज्य में गरीबों के लिए राजीव आरोग्यश्री योजना के जरिए ढेर सारे लोगों को जीवन दिया। कोई सोच भी नहीं सकता कि उनके जीवन का अंत इस तरह होगा।" रेड्डी के परिवार में उनकी पत्नी विजयलक्ष्मी, सांसद पुत्र वाई.एस. जगमोहन रेड्डी और पुत्री शर्मिला हैं।
केंद्रीय विधि मंत्री एम. वीरप्पा मोइली और विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण बुधवार शाम को हैदराबाद पहुंच गए थे। वह पार्टी नेतृत्व को पूरे घटनाक्रम से अवगत कराते रहे।
इस बीच आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश ए. आर. दवे ने राजभवन में रोसैया को पद व गोपनीयता की शपथ दिलाई। कांग्रेस विधायक दल द्वारा नया नेता चुने जाने तक रोसैया कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में काम करेंगे।
शपथ लेने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में रोसैया ने कहा, "सामान्यत: शपथ लेने पर हर व्यक्ति खुश होता है लेकिन आज मैंने बहुत ही दु:खी मन से कार्यवाहक मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली है। चूंकि यह संवैधानिक जरूरत है, इसलिए मैं कार्यवाहक मुख्यमंत्री बनने को तैयार हुआ।"
रेड्डी की मौत पर रूस की यात्रा पर गईं राष्ट्रपति ने एक बयान जारी कर कहा, "डॉ. वाई. एस. राजशेखर रेड्डी एक प्रगतिशील मुख्यमंत्री थे जिन्होंने हमेशा आंध्र प्रदेश के लोगों की बेहतरी के लिए काम किया। मेरी उनसे कई मौकों पर मुलाकात हुई। वह आंध्र प्रदेश, खासकर ग्रामीण इलाकों और समाज के कमजोर तबके के विकास और महिलाओं के सशक्तीकरण के लिए प्रतिबद्ध थे।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने रेड्डी के निधन को निजी क्षति करार देते हुए कहा, "वह जनता, सहकर्मियों और आम आदमी द्वारा समान रूप से पसंद किए जाने वाले नेता थे। उनकी मौत से उत्पन्न शून्य कभी नहीं भरा जा सकेगा। मैंने एक कीमती सहकर्मी खो दिया है जिन पर मैं समर्थन और विचारों के लिए निर्भर रहता था।"
उन्होंने कहा कि रेड्डी की मौत उनके जीवन की तरह ही आंध्र प्रदेश और देश की जनता की सेवा में हुई। उनकी आकस्मिक मौत से आंध्र प्रदेश ने अपना बेमिसाल नेता और देश ने एक ऐसा आदर्श मुख्यमंत्री खो दिया है जो अन्य राज्यों के लिए आर्दश था।
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा, "वाईएसआर एक समर्पित कार्यकर्ता और उत्कृष्ट व मेहनती नेता थे। उन्होंने समाज के सभी वर्गो का विकास किया। उनके योगदान को आंध्र प्रदेश की जनता हमेशा याद रखेगी।"
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने कहा, "रेड्डी जाने-माने सांसद, कुशल प्रशासक, चहुंमुखी विकास के लिए प्रयास करने वाले मुख्यमंत्री और करिश्माई जन नेता के रूप में याद किए जाएंगे। उन्होंने समावेशी विकास से लेकर समतावादी समाज के निर्माण जैसे उदात्त मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता और अटूट लगन की बदौलत राज्य एवं राष्ट्र की राजनीति में अपनी खास पहचान बना ली थी।"
पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने जारी एक बयान में कहा, "वाईएसआर के निधन से मैं बहुत दुखी हूं। वह बहुत ही मेहनती, ऊर्जावान और समर्पित नेता थे। आंध्र प्रदेश ने एक प्रगतिशील नेता खो दिया। मैं उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करता हूं और ईश्वर से कामना करता हूं कि वह शोक संतप्त परिवार को दुख सहन करने की शक्ति प्रदान करें।"
लोकसभा में विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने कहा, "आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री के बारे में यह जानकर मुझे बेहद दुख पहुंचा है कि उनकी हेलीकॉप्टर हादसे में मौत हो गई है। वह एक लोकप्रिय नेता थे। उनके निधन से आंध्र प्रदेश और देश ने बहुत ही योग्य और लोकप्रिय जननेता खो दिया है।"
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने शोक जताते हुए कहा, "हम सभी शोक संतप्त हैं। रेड्डी की आकस्मिक मौत ने आंध्र प्रदेश व देश की राजनीति में एक शून्य उत्पन्न कर दिया है। वह माटी के लाल थे। उन्होंने हमेशा गरीबों के लिए काम किया और सुशासन के लिए जाने गए।"
कांग्रेस प्रवक्ता जयंती नटराजन ने इसे पार्टी के लिए अपूरणीय क्षति करार देते हुए कहा, "यह एक भारी क्षति है। वह प्रगतिशील मुख्यमंत्री थे। वह राज्य और कांग्रेस के प्रभावशाली और सफल नेता थे। वह बेहद व्यावहारिक थे और हमेशा विशिष्ट लक्ष्य पूरे करना चाहते थे। वह हमेशा सक्रिय रहते थे।"
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के महासचिव प्रकाश करात ने रेड्डी की मौत पर एक बयान जारी कर कहा, "त्रासदीपूर्ण हेलीकॉप्टर दुर्घटना में रेड्डी की हुई असामयिक मौत ने सभी को सकते में डाल दिया है। उनका निधन कांग्रेस और आंध्र प्रदेश के लिए बहुत बड़ी क्षति है।" करात ने रेड्डी तथा इसी दुर्घटना में मारे गए चार अन्य लोगों के परिजनों के प्रति भी संवेदना जताई।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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