संरक्षणवाद के विरोध में लेमी की चेतावनी
फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) द्वारा आयोजित एक व्यापारिक सम्मेलन में लेमी ने कहा, "कुछ देशों ने शुल्क बढ़ाया है, नए गैर शुल्क उपाय लागू किए हैं और भंडारण रोधी कार्रवाई तेज की हैं।"
दोहा दौर की वार्ता को फिर से पटरी पर लाने के लिए भारत सरकार के निमंत्रण पर यहां आए लेमी ने कहा कि इससे अभी तक जैसे को तैसा जवाब देने की श्रृंखला नहीं आरंभ हुई है लेकिन इससे व्यापार के कुछ धीमा होने से इंकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि एक दूसरे पर दोषारोपण करने की बजाए सतर्क रहने और डब्ल्यूटीओ के सदस्यों को एक दूसरे के लिए बाजार खोलना चाहिए।
डब्ल्यूटीओ के 153 सदस्य देशों में से 40 के प्रतिनिधियों की गुरुवार को आरंभ हुई दो दिवसीय मंत्रीस्तरीय बैठक का उल्लेख करते हुए लेमी ने कहा कि दिल्ली दोहा दौर की वार्ता को फिर से आरंभ कर सकता है।
उल्लेखनीय है कि कतर की राजधानी दोहा में वर्ष 2001 में आरंभ हुई दोहा दौर की वार्ता कृषि सब्सिडी, निर्यात और बाजार पहुंच के मुद्दों पर धनी और विकासशील देशों के बीच पैदा हुए तीखे मतभेदों के कारण किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंच सकी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


Click it and Unblock the Notifications