छात्रों के मूल्यांकन के मामले में सीबीएसई की राह पर चलेगा इग्नू
नई दिल्ली, 3 सितम्बर (आईएएनएस)। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) के 25 लाख छात्रों के लिए खुशखबरी! उन्हें परीक्षा के नतीजों के लिए पहले की तरह लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा और न ही किसी शिकायत के लिए दिल्ली जाने को बाध्य होना पड़ेगा।
भारत और दुनिया के कई देशों में शिक्षा उपलब्ध कराने वाने इग्नू ने शीघ्र ही अपनी मूल्यांकन प्रक्रिया को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड(सीबीएसई) की मूल्यांकन प्रक्रिया की तरह करने की योजना बनाई है। सीबीएसई की तरह ही इग्नू की मूल्यांकन प्रक्रिया को विकेंद्रित किया जाएगा।
इग्नू के छात्र मूल्यांकन प्रभाग के पंजीयक श्रीकांत मोहपात्रा ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "सीबीएसई की तरह ही हम अपने छात्रों को 60 दिनों के अंदर परीक्षा परिणाम उपलब्ध कराने की प्रणाली तैयार करेंगे। सीबीएसई जोनल प्रणाली की तरह ही हम इग्नू की छात्र मूल्यांकन प्रक्रिया को पांच क्षेत्रों- दक्षिण, उत्तर, पश्चिम, पूर्व और उत्तर-पूर्व - में बांटेंगे।"
मोहपात्रा ने कहा, "हमने यह महसूस किया है कि सभी उत्तर-पुस्तिकाओं को दिल्ली लाकर फिर उन्हें जांचकर वापस क्षेत्रीय केंद्रों को भेजने में समय की काफी बर्बादी है। यह प्रक्रिया सरल भी नहीं है।"
राजनीतिक शास्त्र के प्रोफेसर पद से इस्तीफा देने के बाद मोहपात्रा ने इग्नू के बिहार और उड़ीसा क्षेत्रीय केंद्रों का प्रभार संभाला था। इसके बाद उन्हें छात्र मूल्यांकन प्रभाग का रजिस्ट्रार बनाया गया।
उन्होंने कहा कि अभी जब किसी छात्र की कोई समस्या होती है तो वह इग्नूू को पत्र लिखता है या उसे दिल्ली आना पड़ता है। वह कहते हैं, "जोनल प्रणाली शुरू होने से छात्रों की समस्या का निदान जोन स्तर पर ही हो जाएगा। इसके अलावा राज्य स्तर पर सक्षम परीक्षकों के चयन का रास्ता भी साफ होगा।"
अभी परीक्षकों का चयन इग्नू के दिल्ली मुख्यालय द्वारा किया जाता है। इग्नू के पास अपने परीक्षक महज 10 फीसदी हैं जबकि शेष स्वतंत्र परीक्षक हैं जिन्हें प्रत्येक छात्र की उत्तर पुस्तिका के मूल्यांकन के लिए 18 रुपए मिलते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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