रेड्डी से पहले भी कई नेता हुए हैं हवाई हादसों का शिकार
देश की कई नामचीन हस्तियां हेलीकाप्टरों से यात्रा करती हैं। विमानन क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि विमानों की तुलना में हेलीकाप्टर हादसे के अधिक शिकार बनते हैं।
हवाई हादसों का शिकार होने वाले प्रमुख राजनेताओं में संजय गांधी, माधव राव सिंधिया, जी.एम.सी.बालयोगी, एस.मोहन कुमारमंगलम, ओ.पी.जिंदल और सुरेन्द्र सिंह का नाम शामिल है।
कांग्रेस नेता संजय गांधी की मौत दिल्ली में वर्ष 1980 में हवाई हादसे में हुई थी। वहीं कानपुर में एक चुनावी रैली में हिस्सा लेने के लिए जा रहे वरिष्ठ कांग्रेस नेता सिंधिया का विमान 30 सितंबर 2001 को दुर्घटनाग्रस्त हो गया था, जिसमें सिंधिया और अन्य छह लोगों की मौत हो गई थी।
आंध्र प्रदेश के पश्चिमी गोदावरी जिले में तीन मार्च 2002 को हेलीकाप्टर दुर्घटना में लोकसभा के तत्कालीन अध्यक्ष और तेलुगू देशम पार्टी के नेता बालयोगी की मौत हो गई थी। बालयोगी बेल 206 हेलीकाप्टर से यात्रा कर रहे थे।
एक अन्य कांग्रेस नेता एस.कुमारमंगलम की मौत दिल्ली के समीप वर्ष 1993 में विमान हादसे में हो गई थी। प्रमुख उद्योगपति और कांग्रेस नेता ओ.पी.जिंदल की भी हेलीकाप्टर हादसे में ही हुई थी। उत्तर प्रदेश के सहारनपुर शहर के समीप हादसे में जिंदल के साथ सुरेन्द्र सिंह की भी मौत हो गई थी।
वहीं कई ऐसे नेता हैं, जो ऐसे हादसों में बाल-बाल बच गए। हादसों में बचने वाले नेताओं में अहमद पटेल, केंद्रीय मंत्री पृथ्वीराज चह्वाण, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) अध्यक्ष राजनाथ सिंह, उपाध्यक्ष मुख्तार अब्बास नकवी के नाम शामिल हैं।
विमानन क्षेत्र के विशेषज्ञों का कहना है कि अधिकांश हेलीकाप्टर हादसों की वजह पायलट द्वारा इंस्ट्रमेंट फ्लाइट रूल्स (आईएफआर) के स्थान पर विजुअल फ्लाइट्स रूल्स (वीएफआर) का पालन करना होता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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