रेड्डी के बारे में सुराग नहीं, तलाशी अभियान जारी (राउंडअप)
मुख्यमंत्री के लापता होने पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी चिंता जाहिर की है। आंध्र प्रदेश के मुख्य सचिव ने कहा है कि दोनों नेता राज्य सरकार के लगातार संपर्क में हैं।
केंद्रीय गृह मंत्री पी. चिदम्बरम ने नई दिल्ली में संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि सुबह से लापता रेड्डी का पता लगाने के लिए रात भर पुलिस और अर्धसैनिक बलों का तलाशी अभियान जारी रहेगा।
सूर्यास्त के बाद हेलीकॉप्टरों से तलाशी अभियान बंद किए जाने के बाद सुखोई लड़ाकू विमान और एनआरएसए के विशेष विमान को इस अभियान में शामिल किया गया।
नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (डीजीसीए) के सूत्रों ने आईएएनएस को बताया कि बेल 430 हेलीकाप्टर उड़ान के काबिल नहीं था। उड़ान भरने का उसका प्रमाणपत्र पिछले दो सालों से नवीनीकृत नहीं किया गया था।
सूत्रों ने कहा कि इटली से खरीदे गए एक नए हेलीकाप्टर को पिछले वर्ष नवंबर महीने में मुख्यमंत्री की सेवा में शामिल कर दिया गया था।
इसके ठीक बाद बेल 430 को आंध्र प्रदेश एविएशन कॉर्प को व्यावसायिक अभियानों के लिए सौंप दिया गया था। एक अधिकारी के अनुसार अब उस हेलीकाप्टर का इस्तेमाल आंध्र प्रदेश पुलिस द्वारा किया जा रहा था।
खराब मौसम के दौरान उड़ान भरने के बाद मुख्यमंत्री अपने हेलीकॉप्टर सहित बुधवार सुबह लगभग 9.35 बजे से ही लापता हैं। जिस क्षेत्र में उनके हेलीकॉप्टर को अंतिम बार देखा गया था वह राज्य के नक्सल प्रभावित इलाकों में है। आठ घंटे से भी अधिक देरी तक चले तलाशी अभियान के बाद भी रात तक उनकी कोई सूचना नहीं मिल सकी।
चिदम्बरम ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि वन और राजस्व विभाग के अधिकारी कुर्नूल जिले में तलाशी अभियान में लगे हुए हैं। इसी जिले में अंतिम बार मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर को देखा गया था।
उन्होंने कहा , "पुलिस और अर्धसैनिक बलों के जवान उसी क्षेत्र की ओर आगे बढ़ रहे हैं। संभवत: वे कम से कम कुछ और घंटों तक तलाशी अभियान में लगे रहेंगे। हमें सुबह तक का इंतजार करना पड़ेगा।"
चिदम्बरम ने कहा, "हम उम्मीद करते हैं कि वह सकुशल होंगे। उनकी सलामती के लिए हम दुआ करते हैं।"
राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एम.के.नारायणन ने इस आशंका को खारिज किया है कि वाइएसआर के हेलीकाप्टर पर नक्सलियों ने हमला किया होगा।
उन्होंने कहा है कि नक्सलियों के पास किसी हेलीकाप्टर को मार गिराने की क्षमता नहीं है।
साठ वर्षीय रेड्डी अपने विशेष सचिव के साथ हैदराबाद से करीब 588 किलोमीटर दूर चित्तूर जा रहे थे। चित्तूर तमिलनाडु की सीमा से लगा हुआ है।
राज्य के वित्त मंत्री के. रोसियाह और मुख्य सचिव रामाकांत रेड्डी ने नाल्लामल्ला जंगल क्षेत्र के लोगों से तलाशी अभियान में सहयोग करने की अपील की है। इस जंगली क्षेत्र में ही कुर्नूल और आसपास के जिले स्थित हैं।
रेड्डी ने कहा कि सरकार बुधवार सुबह लगभग साढ़े नौ बजे से मुख्यमंत्री से संपर्क में नहीं हैं। "अभी तक मुख्यमंत्री के बारे में हमारे पास कोई सूचना नहीं है।"
उन्होंने कहा, "यह संभव है कि तेज हवा व भारी बारिश के कारण हेलीकॉप्टर किसी अज्ञात जगह पर उतर गया हो। यदि आप किसी अज्ञात जंगली क्षेत्र में उतरें हो तो वहां से बाहर निकलना काफी मुश्किल होता है।"
उन्होंने कुर्नूल के जंगली और अंदरूनी इलाकों में रहने वाले लोगों से तलाशी अभियान में सहयोग करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें कोई सूचना मिलती है तो कृपया सरकार को जानकारी दें।
इस बीच राज्य सरकार ने नई दिल्ली में गृह और रक्षा मंत्रालयों को सचेत कर दिया है। मुख्य सचिव ने नई दिल्ली से क्षेत्र में मानवरहित विमान भेजने की मांग की है।
अधिकारियों का कहना है कि कुर्नूल नक्सल प्रभावित जिला है और जिले में ही कहीं हेलीकॉप्टर उतरा है।
जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री आज सुबह 10.30 बजे चित्तूर जिले में जाने वाले थे, लेकिन उड़ान भरने के बाद उनके हेलीकॉप्टर से अचानक संपर्क टूट गया।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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