मंत्रिमंडल के विस्तार के साथ नेपाल में और गहराया हिंदी पर विवाद (लीड-1)
22 पार्टियों की गठबंधन सरकार में पहले से ही 33 मंत्री हैं। बुधवार को सरकार में नौ और मंत्रियों को शामिल किया गया। इनमें दो मंत्री, छह राज्य मंत्री और एक सहायक मंत्री शामिल हैं।
राष्ट्रपति रामबरन यादव की उपस्थिति में प्रधानमंत्री ने सबसे पहले तराई पार्टी के दो नए मंत्रियों को पद व गोपनीयता की शपद दिलाई। तराई पार्टियां हिंदी को नेपाल में सरकारी कामकाज की भाषा बनाने की मांग कर रही हैं।
सद्भावना पार्टी के वरिष्ठ नेता लक्ष्मणलाल करण को बिना किसी विभाग के मंत्री बनाया गया है। उन्होंने पद व गोपनीयता की शपथ हिंदी में ली। उन्होंने कहा कि यह उनकी मातृभाषा है। इसी पार्टी के सरोज कुमार यादव ने भी हिंदी में शपथ ली। यादव को वाणिज्य व आपूर्ति राज्यमंत्री बनाया गया है।
मधेशी जनाधिकार फोरम (लोकतांत्रिक) पार्टी के सरबदेव ओझा को महिला, बाल एवं सामाजिक कल्याण मंत्री बनाया गया है। मधेशी जनाधिकार फोरम इस साल सरकार में शामिल होने के मुद्दे पर हुए एक विवाद के चलते गठबंधन के वास्तविक मंच से अलग हो गया था।
ओझा अपनी मातृभाषा अवधी में शपथ लेना चाहते थे। लेकिन ऐसी व्यवस्था न बन पाने के कारण अंतत: उन्होंने पद व गोपनीयता की शपथ नेपाली में ली।
एक दूसरे समारोह में सरकार में सात और मंत्रियों को शामिल किया गया। इनमें से ज्यादातर मधेसी जनाधिकार फोरम (लोकतांत्रिक) के मंत्री शामिल हैं। इनमें से एक कलावती दुशाद (भौतिक योजना व निर्माण विभाग की सहायक मंत्री) ने भोजपुरी में शपथ ली।
यह सब कुछ ऐसे समय में हुआ है, जब भाषा के मुद्दे पर नेपाल विभाजित है। हिंदी में शपथ लेने वाले इस नए गणराज्य के प्रथम उप राष्ट्रपति को उच्चतम न्यायालय ने रविवार को पद से निलंबित कर दिया था। अदालत ने उप राष्ट्रपति परमानंद झा को रविवार तक नेपाली में दोबारा शपथ लेने के लिए कहा था।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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