इंदिरा सागर विस्थापितों को जमीन देने के आदेश
नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण और राज्य सरकार से तीन माह के अन्दर इस प्रक्रिया को पूरा करने को कहा गया है। न्यायालय के इस फैसले से लगभग 16 हजार परिवार लाभान्वित होंगे।
नर्मदा बचाओ आंदोलन की ओर से दायर अवमानना याचिका में कहा गया था कि आठ सितम्बर 2006 को उच्च न्यायलय द्वारा दिए गए आदेश पर प्रदेश सरकार ने अमल नहीं किया है।
आंदोलन की कार्यकर्ता चितरुपा ने आईएएनएस को बताया कि तीन साल पहले उच्च न्यायलय ने विस्थापितों को जमीन देने के आदेश को सरकार और नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण को दिए थे परंतु उसे नहीं माना गया।
चितरुपा के मुताबिक इंदिरा सागर के विस्थापितों को पांच-पांच एकड़ जमीन और विशेष अनुदान देना था मगर ऐसा नही हुआ। उन्होंने बताया कि सरकार और प्राधिकरण द्वारा आदेश पर अमल न होने पर अवमानना याचिका दायर की गई।
इस याचिका की सुनवाई करने के बाद बुधवार को उच्च न्यायलय के मुख्य न्यायाधीश ए़़ पटनायक और न्यायाधीश पंकज जायसवाल ने नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण तथा राज्य सरकार को आदेश दिया है कि वह विस्थापित परिवारों के वयस्क पुत्र और अविवाहित पुत्री को इकाई मान कर पांच-पांच एकड़ जमीन दे। इस प्रक्रिया को तीन माह के भीतर पूरा करना है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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