आरटीआई के दायरे के बारे में अदालती फैसले का स्वागत
आरटीआई कार्यकर्ता सुभाषचंद्र अग्रवाल ने खुशी का इजहार करते हुए कहा, "मैं बेहद उत्साहित हूं। मैं दिल्ली उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्एस.रवींद्र भट को धन्यवाद देना चाहता हूं। उनका फैसला न्यायपालिका में लोगों के विश्वास को बढ़ाएगा। मेरी नजर में तो वह भारत के सर्वश्रेष्ठ न्यायाधीश हैं।"
उल्लेखनीय है कि अग्रवाल के आवेदन के आधार पर ही केंद्रीय सूचना आयोग ने यह निर्णय दिया था कि भारत का मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) भी सार्वजनिक प्राधिकार है। सर्वोच्च न्यायालय ने अपनी रजिस्ट्री के जरिए उच्च न्यायालय में इन फैसले को चुनौती दी थी, पर फैसला उसके खिलाफ गया है।
भट ने अपने फैसले में कहा, "न्यायाधीशों का सम्मान लोकतंत्र की प्रगति में योगदान देता है। अगर न्यायाधीश संपत्ति का खुलासा करते हैं तो इसकी उनकी छवि निखरेगी।" सीआईसी के प्रमुख वजाहत हबीबुल्लाह ने फैसले का स्वागत करते हुए अदालत के प्रति आभार प्रकट किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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