नेपाल में हिंदी पर विवाद और गहराया
प्रधानमंत्री कार्यालय के मुताबिक दो नए मंत्रियों को पद एवं गोपनीयता की शपद दिलाई गई। ये दोनों मंत्री हिंदी को नेपाल में सरकारी कामकाज की भाषा बनाने की समर्थक नेपाल की तराई पार्टियों से जुड़े हैं।
मधेशी जनाधिकार फोरम (लोकतांत्रिक) पार्टी के सरबदेव ओझा को महिला, बाल एवं सामाजिक कल्याण मंत्री बनाया गया है। मधेशी जनाधिकार फोरम इस साल सरकार में शामिल होने के मुद्दे पर हुए एक विवाद के चलते गठबंधन के वास्तविक मंच से अलग हो गया था।
सद्भावना पार्टी के वरिष्ठ नेता लक्ष्मणलाल करण को बिना किसी विभाग के मंत्री बनाया गया है।
ओझा ने पद एवं गोपनीयता की शपथ नेपाली में ली, जबकि करण ने हिंदी में शपथ ली। करण का कहना था हिंदी उनकी मातृभाषा है।
यह ऐसे समय हुआ है जब भाषा के मुद्दे पर नेपाल विभाजित है। रविवार को हिंदी में शपथ लेने वाले इस नए गणराज्य के प्रथम उप राष्ट्रपति को उच्चतम न्यायालय ने पद से निलंबित कर दिया था। अदालत ने उप राष्ट्रपति परमानंद झा को रविवार तक नेपाली में दोबारा शपथ लेने के लिए कहा था।
22 पार्टियों की गठबंधन सरकार के मंत्रिमंडल में पहले ही 33 मंत्री हैं, इसमें 11 और मंत्री शामिल किए जाने हैं, जिनमें से दो को बुधवार को शपथ दिलाई गई।
प्रधानमंत्री जिन नौ और मंत्रियों को शामिल करेंगे उनमें सात राज्यमंत्री और दो सहायक मंत्री होंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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