सरकार ने वक्फ बोर्डो पर सच्चर समिति की सिफारिश ठुकराई
नई दिल्ली, 2 सितम्बर (आईएएनएस)। सरकार ने सच्चर समिति की उस सिफारिश को खारिज कर दिया है जिसमें वक्फ बोर्ड के अधिकारियों की नियुक्ति के लिए प्रशासनिक सेवाओं की तर्ज पर ही एक भारतीय वक्फ सेवा गठित करने की बात कही गई थी। वक्फ बोर्ड मुसलमानों की धार्मिक और सामुदायिक संपत्तियों की देखभाल करता है।
'जकात इंडिया फाउंडेशन' नाम के एक गैर सरकारी संगठन ने सूचना के अधिकार(आरटीआई) के तहत आवेदन देकर यह जानने की कोशिश की थी कि इस सिफारिश को अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने खारिज क्यों किया। मंत्रालय ने इस बारे में जवाब देने से इंकार कर दिया था।
इस संगठन के अध्यक्ष जफर महमूद ने आईएएनएस को बताया, "हमने आरटीआई के तहत सच्चर समिति की सिफारिश को खारिज किए जाने की वजह जाननी चाही तो मंत्रालय ने कोई जवाब देने से इंकार कर दिया। मंत्रालय का कहना है कि यह आरटीआई अधिनियम के दायरे में नहीं आता।"
मंत्रालय में एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, "सरकार ने इस सिफारिश को खारिज कर दिया क्योंकि इस तरह की सेवाओं का गठन एक जटिल प्रक्रिया है। साथी ही देश में पहले ही तमाम वक्फ बोर्ड बदतर हालत में हैं।"
वक्फ अधिनियम-1995 के मुताबिक भारतीय प्रशासनिक सेवा का अधिकारी या संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) द्वारा नियुक्त अधिकारी केंद्रीय और राज्य वक्फ बोर्डो का मुख्य कार्यकारी अधिकारी ( सीईओ) नियुक्त हो सकता है। इसमें शर्त यह भी है कि उक्त अधिकारी मुस्लिम होना चाहिए।
दूसरी ओर सच्चर समित की रिपोर्ट में कहा गया है, "राज्य नौकरशाही में सीईओ की उच्च वरीयता नहीं होती है। ऐसे में वक्फ बोर्डो के हित प्राय: प्रभावित होते हैं।"
समिति का सुझाव था कि यूपीएससी के लिए होने वाली परीक्षा की तर्ज पर भारतीय वक्फ सेवा की भी परीक्षा होनी चाहिए और इसमें उत्तीर्ण मुस्लिम उम्मीदवारों को वक्फ बोर्डो का सीईओ बनाया जाना चाहिए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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