सभी केंद्र शासित प्रदेशों के लिए एक राज्य सुरक्षा आयोग
गृह मंत्री पी चिदंबरम ने यह घोषणा केंद्र और राज्य सरकारों को सर्वोच्च न्यायालय की ओर से सितंबर 2006 को दिए गए पुलिस सुधार के लिए कारगर कदम उठाने संबंधी दिशा निर्देशों के तीन साल बाद की गई।
इसमें राज्य सुरक्षा आयोग के गठन की बात कही गई थी जो राज्य पुलिस प्रणाली के बारे में नीतियां तैयार करने के साथ-साथ केंद्र शासित प्रदेशों और राज्यों के पुलिस बलों के कामकाज की समीक्षा भी करेगा।
चिदंबरम ने सरकार की ओर से प्रत्येक केंद्र शासित प्रदेश में दो पुलिस स्थापना बोर्ड (पीईबी) के गठन की भी घोषणा की। जिनमें से एक बोर्ड इंस्पेक्टर और उससे वरिष्ठ अधिकारियों के लिए और दूसरा सब-इंस्पेक्टर और उससे कनिष्ठ पुलिस कर्मियों के लिए काम करेगा।
ये बोर्ड पुलिस कर्मियों के तबादले और प्रोन्नति से संबधित विषयों पर भी निर्णय लेंगे। केंद्र शासित प्रदेशों में एक पुलिस शिकायत प्राधिकरण का गठन किया जायेगा।
बीते शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी)के आरोप पर सरकार से स्पष्टीकरण मांगा था कि सरकार अदालत के निर्देश पर किए जा रहे पुलिस सुधार के लिए प्रयासों में आयोग को सहयोग नहीं दे रही।
यूपीएससी के आरोप के बारे में पूछने पर चिदंबरम ने आईएएनएस से कहा कि सरकार इसका जवाब न्यायालय में देगी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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