दुनिया भर की हस्तियों से पत्र व्यवहार करता है प्रियब्रत
भुवनेश्वर, 2 सितम्बर (आईएएनएस)। उसके पत्रों का जवाब देने वाली विश्व प्रसिद्ध हस्तियों की सूची में माइकल जैक्सन, रोनाल्ड रीगन, यासर अराफात, पेले और डेविड बेकहम के नाम शामिल हैं। एक दिन उसके पते पर तत्कालीन ब्रिटिश प्रधानमंत्री मार्गरेट थैचर का जवाबी खत क्या आया, नामी हस्तियों को पत्र लिखने का उसका जुनून मिशन में बदल गया।
बात हो रही है उड़ीसा के एक अदना से शख्स प्रियब्रत बिस्वाल की, जिनके पास हर क्षेत्र की नामी हस्तियों के जवाबी खत और हस्ताक्षरित तस्वीरों का विशाल संग्रह है। पुरी जिले के ओलीहान गांव के रहने वाले प्रियब्रत जब इन अनूठे पत्रों एवं तस्वीरों की एलबम पलटते हैं तो उनके चेहरे पर गर्व साफ झलकता है।
प्रियब्रत कहते हैं, "कौन कहता है कि नामी लोग किसी आम व्यक्ति के पत्रों को जवाब नहीं देते? जब मैं स्कूल में था तो इंदिरा गांधी को पत्र लिखा। उसी महीने उनकी हत्या हो गई। मुझे जवाब नहीं मिला, पर मेरा उत्साह ठंडा नहीं हुआ। मैंने दुनिया भर की नामी हस्तियों को पत्र लिखना जारी रखा और एक दिन थैचर का जवाबी खत पाकर मैं चौंक उठा। मैंने पूरे गांव वालों को यह पत्र दिखाया। यह पत्र 7 अक्टूबर, 1987 को मेरे नाम लिखा गया था।"
वह राजनीति, खेल, साहित्य और दूसरी क्षेत्रों की हस्तियों के जवाबी खतों से लैस हैं। इनमें राजा-महराजाओं, नोबल पुरस्कार विजेताओं, प्रधानमंत्रियों, राष्ट्रपतियों, सिने हस्तियों के पत्र शामिल हैं।
उनके पत्रों का जवाब देने वालों में माइकल जैक्सन, डोमिनिक लैपियर, कोफी अन्नान, बिल गेट्स, थैचर, रीगन, यासर अराफात, नेल्सन मंडेला, मदर टेरेसा, कोराजोन सी.एक्वि नो, लेडी डायना, डेनमार्क की महारानी, पेले, मोहम्मद अली, डेविड बेकहम, कार्ल लेविस, स्टेफी ग्राफ, माइकल जार्डन, गोल्डी सेयर्स, नील आर्मस्ट्रांग, एडविन एल्ड्रिन, अमिताभ बच्चन, सुनील गावस्कर, कपिलदेव, विक्रम सेठ, जे.आर.डी टाटा, पी.टी ऊषा, सचिन तेंदुलकर आदि जैसी हस्तियां शामिल हैं।
1999 के चक्रवात में उनके संग्रह की करीब 500 तस्वीरें नष्ट हो गईं, पर उनका उत्साह बना रहा। वह कहते हैं, "यह काम आसान नहीं है। मैं आठ वर्षो तक बिल क्लिंटन को पत्र लिखता रहा और अंतत: उन्होंने मुझे अपना हस्ताक्षरित फोटोग्राफ भेजा। कई बार मैं ऐसी हस्तियों का पता जानने के लिए उनके एजेंटों को पैसा भी देता हूं।" वह इन धरोहरों का एक संग्रहालय बनाना चाहते हैं और इससे होने वाली कमाई से एक स्कूल खोलना चाहते हैं।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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