सरकार अंबानी बंधुओं के बीच हुए समझौते के खिलाफ नहीं
दोनों भाइयों (मुकेश व अनिल अंबानी) के नेतृत्व वाली कंपनियों के बीच पैदा हुए विवाद पर 20 अक्टूबर को होने वाली सुनवाई के पूर्व सरकार ने सर्वोच्च न्यायालय से यह भी कहा है कि सरकारी विद्युत कंपनी एनटीपीसी को गैस आवंटन और उसकी कीमतें तय करने को लेकर उसकी नीतियां निष्पक्ष हैं।
मुकेश अंबानी के नेतृत्व वाली रिलायंस इंडस्ट्रीज को आवंटित कृष्णा-गोदावरी बेसिन से प्राकृतिक गैस सुनिश्चित कराने की कानूनी लड़ाई लड़ रहे अनिल धीरूभाई अंबानी समूह ने सरकार के इस पक्ष का तत्काल स्वागत किया है।
सर्वोच्च न्यायालय में दायर हलफनामे में सरकार ने कहा है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज और अनिल धीरूभाई अंबानी के नेतृत्व वाले रिलायंस नेचुरल रिसोर्सेज के बीच निजी विवाद से सरकार का कुछ लेना-देना नहीं है।
सरकार की ओर से कहा गया है, "दो पक्षों के बीच किसी निजी व्यवस्था के क्षेत्र में दखल देने का सरकार का कोई इरादा नहीं है।"
सरकार ने कहा है, "सरकार प्राकृतिक गैस के मालिक और नियंत्रक के नाते मात्र अपने अधिकारों से वास्ता रखती है।"
ठीक यहीं पर सरकार की ओर से कहा गया है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज और राष्ट्रीय तापीय विद्युत निगम लिमिटेड (एनटीपीसी) के बीच अधिकारों और दायित्वों की तुलना अंबानी बंधुओं के नेतृत्व वाली कंपनियों के बीच बनी निजी व्यवस्था से नहीं की जा सकती।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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