पारस पर भारतीय मीडिया के आरोपों की निंदा
ज्ञानेंद्र एवं पारस से सहानुभूति रखने वाले इन लोगों का कहना है कि इसके पीछे भारत-नेपाल रिश्ते खराब करने एवं पूर्व नरेश एवं पूर्व युवराज की छवि बिगाड़ने का इरादा छिपा है।
ज्ञानेंद्र के एक सहयोगी ने अपना नाम गुप्त रखने की शर्त पर कहा,"इसके पीछे ऐसे लोग सक्रिय हैं, जो दोनों देशों का रिश्तों को फलते-फूलते नहीं देखना चाहते। आखिर मीडिया के पास ज्ञानेंद्र और पारस के खिलाफ सबूत क्या है?"
खबरों में कहा गया है कि शाही परिवार के दोनों सदस्यों का दाऊद के साथ रिश्ता था और पारस पाकिस्तान में सक्रिय भारत विरोधी तžवों की कमान में चलने वाले जाली भारतीय नोटों के धंधे में शामिल थे।
देश के एक प्रमुख नेता कमल थापा ने भी ऐसी खबर को निराधार बताया है। राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी(नेपाल) के नेता थापा ने कहा, "भारतीय मीडिया की यह रिपोर्ट आधारहीन है। जिस तरीके से यह दुष्प्रचार चलाया जा रहा है, उसे साजिश की बू आती है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।


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