धार्मिक सौहार्द का संगम बना मुंबई
मुंबई, 1 सितम्बर (आईएएनएस)। अतीत में सांप्रदायिक कटुता के दौर से गुजर चुका मुंबई रमजान और गणेश उत्सव के माहौल में धार्मिक सौहार्द का संगम बन गया है।
एक ओर जहां रोजा रखने वाले मुसलमान गणेश की आरती में शामिल हो रहे हैं, वहीं दूसरी ओर हिंदुओं ने मुसलमानों की धार्मिक भावना का ख्याल रखते हुए गणेश आरती के समय में फेरबदल किया है ताकि नमाज अता करने में खलल न हो।
उत्तर-पश्चिम मुंबई के वर्सोवा इलाके के सौरभ अपार्टमेंट के लोगों ने धार्मिक सद्भावना को बढ़ाना देने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। यहां गणेश चतुर्थी के मौके पर एक विशाल पंडाल लगाया गया है, जबकि इसके पास ही आस्थावान मुसलमानों के लिए नमाज पढ़ने की व्यवस्था की गई है।
दोनों समुदाय एक दूसरे की भावना का भरपूर ख्याल रखते हैं। हिंदुओं ने गणेश की आरती का वक्त रात 9.30 की बजाए 9.45 बजे रखा है ताकि नमाज पढ़ने में खलल पैदा नहीं हो। नमाज के वक्त वे पंडाल के लाउडस्पीकर का भी इस्तेमाल नहीं करते हैं।
कुर्ला इलाका भी धार्मिक सौहार्द का उदाहरण बन गया है। यहां रोजा रखने वाले मुसलमान गणेश मंडप में होने वाली पूजा में भाग लेते हैं। नमाज अता करने के बाद कई मुसलमान सीधे मंडप में पहुंचते हैं।
कुर्ला का एल.वाई. मार्केट भी गणेश उत्सव और रमजान के दोहरे जश्न में डूबा हुआ है। यहां एक विशाल पंडाल में गणेश की प्रतिमा रखी गई है। पंडाल से सटे एक घेरे में मुस्लिम भाइयों को नमाज अता करते देखा जा सकता है। गणेश पूजा महोत्सव के एक आयोजक ए. यादव कहते हैं, "हम साथ-साथ रहते हैं और हम साथ-साथ कारोबार करते हैं। फिर एक साथ त्योहार क्यों नहीं मना सकते ? "
यहां तक कि पंडालों के निर्माण एवं साज-सजावट में भी हिंदू-मुस्लिम एकता देखी गई। मसलन, भंडारी स्ट्रीट सार्वजनिक गणेशोत्सव मंडल का पंडाल मुस्लिम कारीगरों ने तैयार किया है। मंडल के संयुक्त सचिव शशिकांत चवन कहते हैं कि मुसलमान कारीगरों ने महोत्सव को भव्य बनाने में कोई असर नहीं छोड़ी है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
**


Click it and Unblock the Notifications