एच1एन1 वायरस से ऐहतियात के गुर सीख गए हैं बेंगलुरूवासी
स्वाइन फ्लू की दहशत यहां इतनी ज्यादा है कि लोग इससे बचाव के हर मुमकिन तरीके अपना रहे हैं। शहर में 20 लोगों की मौत का सबब बने एच1एन1 वायरस के खतरे से निपटने के लिए शहर के लोग पूरी चौेकसी बरत रहे हैं। राज्य में इस बीमारी से हुईं कुल 25 मौतों में से अकेले 20 मौतें इस शहर के नाम दर्ज हैं।
शहर की एक बैंक अधिकारी समा खान ने आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा,"मैं समझती हूं कि परहेज ही सबसे बड़ी दवा है। जब मैं घर से निकलती हूं तो मास्क लगाना और साथ में सैनिटाइजर ले जाना नहीं भूलती।" एक बीपीओ कंपनी में काम करने वाली रोशनी नायर कहती हैं, "मेरा बेटा छह साल का है। जब उसे खांसी और बुखार हुआ तो मैंने तुंरत डाक्टर से संपर्क किया। मैं इस रोग से बचाव करना सीख गई हूं।"
राज्य के प्रधान सचिव(स्वास्थ्य) एल.आर पेरुमाल ने आईएएनएस से बातचीत में कहा, "यह खुशी की बात है कि शहर के लोग चौकस हैं। कई स्कूल डाक्टरों की नियमित मदद ले रहे हैं।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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