अब जसवंत को पीएसी से चलता करने की तैयारी में जुटी भाजपा (लीड-1)
सूत्रों के मुताबिक लोकसभा में विपक्ष के नेता लालकृष्ण आडवाणी ने लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार को पत्र लिखकर जसवंत को पीएसी के अध्यक्ष पद से हटाने को कहा है तो उधर पार्टी की वरिष्ठ नेता और लोकसभा में विपक्ष की उपनेता सुषमा स्वराज ने जसवंत सिंह से मुलाकात कर उनसे पीएसी अध्यक्ष का पद छोड़ने का आग्रह किया है।
इस बीच सोमवार को पार्टी की तरफ से औपचारिक तौर पर कहा गया कि जसवंत सिंह को नैतिकता के आधार पर पीएसी के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे देना चाहिए।
पार्टी प्रवक्ता रविशंकर प्रसाद ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि जसवंत सिंह को संसदीय समिति का यह पद नैतिकता के आधार पर छोड़ देना चाहिए। प्रसाद ने कहा, "संसदीय परम्परा के मुताबिक पीएसी अध्यक्ष का पद प्रमुख विपक्षी पार्टी के हिस्से में जाता है। पार्टी में रहने की वजह से ही उन्हें यह महत्वपूर्ण पद दिया गया था। अब चूंकि उन्हें पार्टी से निष्कासित किया जा चुका है, इसलिए स्वेच्छा से उन्हें इस पद को छोड़ देना चाहिए।"
इससे पहले, सुषमा स्वराज ने पार्टी नेता एस. एस. अहलूवालिया के साथ जसवंत से उनके आवास पर मुलाकात की। जसवंत के निष्कासन के बाद यह पहला मौका है जब भाजपा के किसी वरिष्ठ नेता ने उनसे मुलाकात की।
जसवंत के करीबी सूत्रों के मुताबिक सुषमा ने आज ही सुबह जसवंत से मिलने का समय तय किया था। ज्ञात हो कि जसवंत को गत 19 अगस्त को उनकी पुस्तक 'जिन्ना : भारत, विभाजन, आजादी' के विमोचन के दो दिनों बाद ही पार्टी से निष्कासित कर दिया गया था।
जसवंत के निष्कासन के बाद से ही भाजपा में नेतृत्व परिवर्तन की अटकलों को लेकर जबरदस्त उठापटक चल रही है। जसवंत भी मीडिया के माध्यम से लगातार भाजपा और आडवाणी पर हमले बोल रहे हैं। माना जा रहा है कि जसवंत द्वारा आडवाणी के खिलाफ आग उगलने के कारण ही पार्टी ने उन्हें पीएसी अध्यक्ष के पद से छुट्टी करने की कवायद आरंभ की है।
जसवंत ने रविवार को आईएएनएस से एक खास बातचीत में कहा था, "भाजपा ध्वस्त होती जा रही है। हर एक दिन गुजरने के साथ उनके नेताओं का विश्वास कम होता जा रहा है। मैं नहीं जानता कि अचानक वहां इतने सवाल क्यों उठ रहे हैं। यह उनकी अक्षमता का दुखद प्रदर्शन है।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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