कुदनकुलम परमाणु विद्युत परियोजना के लिए नकली ईंधन प्राप्त हुआ
चेन्नई, 31 अगस्त (आईएएनएस)। रूस से नकली ईंधन प्राप्त होने के साथ ही तमिलनाडु के कुदनकुलम में स्थित 2,000 मेगावाट क्षमता वाली परमाणु विद्युत परियोजना की 1,000 मेगावाट क्षमता वाली पहली इकाई को शुरू करने का काम एक कदम आगे बढ़ गया है।
समाचार एजेंसी आईएएनएस को विस्वस्त सूत्रों से पता चला है कि नकली ईंधन शनिवार को तुतिकोरिन बंदरगाह पर पहुंच गया था और वह अब कुदनकुलम पहुंच गया है, जहां भारतीय परमाणु विद्युत निगम लिमिटेड (एनपीसीआईएल) रूसी उपकरणों के जरिए परियोजना को स्थापित कर रही है।
नकली ईंधन, वजन और अन्य गुणों के मामले में असली ईंधन के जैसा ही है, लेकिन वह यूरेनियम विहीन है।
रिएक्टर की सभी प्रणालियों की क्रियाविधि जांचने के लिए इस ईंधन को रिएक्टर कोर में डाला जाएगा। इस प्रक्रिया को तकनीकी तौर पर स्टेटस ऑफ हॉट ऑपरेशन कहा जाता है।
यदि सभी प्रणालियां नियम के मुताबिक काम करती पाई जाती हैं, तो उसके बाद उसमें असली ईंधन डाला जाएगा ताकि रिएक्टर निर्णायक मोड़ पर पहुंच सके।
लेकिन इस परियोजना से विद्युत की आपूर्ति तभी शुरू हो पाएगी, जब परमाणु वैज्ञानिक कुछ प्रयोग संपन्न कर लेंगे और विद्युत उत्पादन में बढ़ोतरी हो जाएगी।
दो सप्ताह पहले कुदनकुलम में स्थित 1,000 मेगावाट क्षमता वाली दूसरी ईकाई के लिए रूस से यूरेनियम की पहली खेप प्राप्त हुई थी। बाकी खेप के भी जल्द प्राप्त होने की संभावना है।
पहली इकाई के लिए ईंधन की खेप वर्ष 2008 के प्रारंभ में ही प्राप्त हो गई थी।
एनपीसीआईएल के प्रमुख एस.के.जैन ने इसके पहले आईएएनएस के साथ बातचीत में कहा था कि पहली इकाई का काम 94 प्रतिशत पूरा हो चुका है और लगभग 99 प्रतिशत कल पुर्जे परियोजना स्थल पर उपस्थित हो गए हैं।
जैन ने कहा है कि पहली इकाई में ईंधन भरने का काम वर्ष के अंत तक पूरा हो जाएगा।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
**


Click it and Unblock the Notifications