रिकॉर्ड की जानकारी देने के प्रति उदासीन है रिलायंस इंडस्ट्रीज : लेखा परीक्षक
पेट्रोलियम मंत्रालय को 26 अगस्त को लिखे एक पत्र में लेखा परीक्षण के प्रधान निदेशक के.आर.श्रीराम ने यह भी कहा कि कृष्णा-गोदावरी और पन्ना-मुक्ता-ताप्ती बेसिन के लेखा परीक्षण के संदर्भ में 17 अगस्त को हुई बैठक की कार्यवाही का ब्योरा उनके कार्यालय की सहमति के बगैर जारी किया गया है।
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के संयुक्त सचिव डी.एन.नरसिम्हा राजू को लिखे दो पृष्ठों के पत्र में कहा गया है, "हम इस ब्योरे पर अपनी टिप्पणियां कर रहे हैं, जिसे उसके साथ जोड़ा जा सकता है और इस तरह सुधारा हुआ नया ब्योरा हमारे रिकॉर्ड के लिए भेजा जा सकता है।"
पत्र में कहा गया है, "हमारे लेखा परीक्षण दल के बीच कुछ इस तरह की समझ बनी है कि बैठक के दौरान ठेकेदार के प्रतिनिधि ने पूर्व के वर्षो का यानी 2006-07 तक के रिकॉर्ड उपलब्ध कराने के प्रति उदासीनता जाहिर की।"
पत्र में कृष्णा-गोदावरी गैस पर प्रस्तावित बैठक के संदर्भ में कहा गया है, "हम हालांकि 21 सितंबर से शुरू होने वाली बैठक के लिए तैयार है, लेकिन इस तरह की बैठक का पूर्ण मकसद तभी हल हो पाएगा, जब हमारे पास हमारे वास्तविक लेखा परीक्षण के बारे में दस्तावेजी स्पष्टता उपलब्ध हो।"
इस पत्र को उन आरोपों के संदर्भ में काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जिसमें कहा गया है कि रिलायंस इंडस्ट्रीज ने कृष्णा-गोदावरी बेसिन से गैस दोहन के लिए पूंजी व्यय को बढ़ा-चढ़ा कर प्रस्तुत किया है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*


Click it and Unblock the Notifications